सियोल। उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण फिर से शुरू करने की धमकी दी है। उत्तर कोरिया ने मेरिका पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों को अपने खिलाफ उकसाने का आरोप लगाते हुए यह बात कही। इस बयान के बाद उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहराने लगा है। उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव फिर गहरा रहा है। सात महीनों में दोनों देशों के बीच यह पहली बातचीत होने जा रही थी। उत्तर कोरिया ने कहा है कि बातचीत इसलिए नाकाम हो गई क्योंकि अमेरिका की ओर से कोई नया प्रस्ताव नहीं आया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, हमारे सब्र की एक सीमा है। यूरोपीय देशों का जैसा रुख है उसको देखते हुए हम अमेरिका के साथ विश्वास बहाली के उपायों के तहत निरस्त्रीकरण के वादे पर फिर से विचार किया जा रहा हैं।

इस मामले कुछ प्रेक्षकों का कहना है कि उत्तर कोरिया की धमकी अमेरिका पर दबाव डालने की रणनीति का हिस्सा है ताकि अमेरिका को कुछ रियायतों के लिए मजबूर किया जा सके। उत्तर कोरिया को पिछले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के यूरोपीय सदस्यों की ओर से अपने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की निंदा पसंद नहीं आई है। उत्तर कोरिया ने इस मिसाइल के साथ ही कुछ अन्य घातक हथियारों का परीक्षण भी हाल के समय में किया है, जिसमें पहला अंडर-वाटर मिसाइल टेस्ट भी शामिल है।

उत्तर कोरिया का कहना है कि उसने ये परीक्षण आत्मरक्षा के लिए किए हैं। उत्तर कोरिया का आरोप है कि यूरोपीय देशों ने जिस तरह उसके परीक्षणों की निंदा की है उसके पीछे अमेरिका का हाथ है। यूरोपीय देशों ने उत्तर कोरिया के परीक्षणों की निंदा करते हुए यह अपील भी की थी कि प्योंगयांग को अपने सभी घातक हथियार नष्ट कर देने चाहिए और अमेरिका के साथ सार्थक बातचीत में शामिल होना चाहिए। सुरक्षा परिषद की बैठक फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन की ओर से बुलाई गई थी।