वेटिकन सिटी। धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने रविवार को भारतीय नन मरियम थ्रेसिया को संत की उपाधि से नवाजा। सिस्टर थ्रेसिया को यह उपाधि उनके निधन के 93 साल बाद दी गई। उनको लड़कियों की शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए यह उपाधि दी गई। वेटिकन सिटी में आयोजित समारोह में विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

इस पवित्र धार्मिक समारोह में भारतीय नन के साथ चार अन्य ईसाई धर्म गुरुओं को भी मरणोपरांत संत की उपाधि से नवाजा गया। इनमें ब्रिटिश कार्डिनल जॉन हेनरी न्यूमैन, स्विस लेवीमेन मार्गरेट बेज, ब्राजील की सिस्टर डुल्स लोप्स और इतालवी सिस्टर गिसेपिना वानीनि शामिल हैं। संत घोषित होने वाली हस्तियों में तीन महिलाएं हैं। इस मौके पर पोप फ्रांसिस ने कहा, 'आज हम अपने नए संतों के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं।' समारोह में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। पोप फ्रांसिस ने तीन महिलाओं के संत घोषित होने पर खुशी जताई। सिस्टर मरियम को उपाधि मिलने के साथ ही केरल के सीरियन मालाबार चर्च से अब तक अब चार संत हो गए हैं।

26 अप्रैल, 1876 को केरल के त्रिशूर जिले में सिस्टर मरियम थ्रेसिया का जन्म एक अमीर परिवार में हुआ था। मरियम थ्रेसिया 50 साल की उम्र में 8 जून 1926 को दुनिया को अलविदा कह गई थीं। सीरियन मालाबार चर्च से संबंध रखने वाली नन मरियम के पिता का नाम मानकिडियन तोमा और मां का नाम तांडा था। उनकी दो बहनें भी थीं। 1914 में मरियम थ्रेसिया ने त्रिशूर में कांग्रीगेशन ऑफ द सिस्टर्स ऑफ द होली फैमिली (सीएचएफ) नामक धार्मिक संस्था की स्थापना की थी। उन्होंने कई स्कूल, हॉस्टल, अनाथालय भी स्थापित किए थे। सिस्टर मरियम को लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए किए गए कार्यों के लिए याद किया जाता है। उनके द्वारा स्थापित संस्था सीएचएफ में फिलहाल करीब 2000 नन हैं।

सिस्टर मरियम ने सिर्फ 8 साल की उम्र में खुद को ईश्वर को समर्पित कर दिया था। नन्ही उम्र में वह व्रत भी करने लगी थी और सारा दिन प्रार्थना में व्यतीत करने लगी थीं। इसी वजह उनके बचपन के दोस्त उन्हें संत कह कर बुलाते थे। पोप जॉन पाल द्वितीय ने 9 अप्रैल, 2000 को सिस्टर थ्रेसिया को धन्य घोषित किया था।

पीएम नरेंद्र मोदी भी सिस्टर मरियम थ्रेसिया के प्रशंसक हैं। पिछले महीने 29 सितंबर को अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में मोदी ने सिस्टर थ्रेसिया को संत बनाए जाने की बात का जिक्र किया था। पीएम ने कहा था कि सिस्टर थ्रेसिया को संत की उपाधि दिया जाना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। केरल में उत्सव का माहौल सिस्टर मरियम को संत की उपाधि मिलने से केरल में उत्सव का माहौल है। राज्य के कैथोलिक चर्चों में विशेष प्रार्थना आयोजित की गई।

Posted By: Yogendra Sharma