पेरिस। Islamophobia के खिलाफ फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को 10 हजार से अधिक लोगों ने मार्च किया। उत्तरी पेरिस में किए गए इस प्रदर्शन की सरकार और दक्षिणपंथी संगठनों ने आलोचना की है। दक्षिणी फ्रांस के शहर बेयोनी में 84 साल के पूर्व दक्षिणपंथी कार्यकर्ता ने पिछले महीने एक मस्जिद में हमला किया था। उसने दो लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया था। उस घटना के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया था।

प्रदर्शनकारियों में से कई ने इस्लाम पर हमलों की निंदा करते हुए तख्तियां हाथों में ले रखी थीं। इनमें लिखा हुआ था कि "इस्लामोफोबिया लोगों को मारता है" और "हम सभी गणतंत्र के बच्चे हैं"। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने पारंपरिक बुर्का पहन रखा था, जबकि अन्य ने फ्रांसीसी ध्वज वाले नीले, सफेद और लाल रंगों के कपड़े पहने थे। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में करीब 13,500 लोगों ने मार्च में भाग लिया।

कलेक्टिव अगेंस्ट इस्लामोफोबिया इन फ्रांस (सीसीआईएफ) सहित कई संगठनों और निजी लोगों ने इस मार्च का आह्वान किया था। हाल के वर्षों में हुए जिहादी हमलों को देखते हुए फ्रांस में एक बार फिर से बुर्के पर प्रतिंबंध लगाए जाने की बहस फिर से तेज हो गई है। 35 साल के एक व्यापारी लार्बी ने कहा कि हम अपनी आवाज उठाने के लिए आए हैं। हम यह कहना चाहते हैं कि नफरत का एक स्तर है और आप उसे पार नहीं करें। हम आलोचना के लिए तैयार हैं, लेकिन आपको आक्रामकता की कुछ सीमाओं से आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

कार उद्योग में इंजीनियर के रूप में काम करने वाले 29 वर्षीय महिला अस्माई यूमोसिड ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी बात सुनी जाए। हमें समाज के हाशिये पर नहीं धकेला जाना चाहिए। बुर्का पहने इस महिला ने पेरिस के उपनगरीय इलाके में कहा कि आपने इस्लाम के बारे में और बुर्के पहनने वाली महिलाओं के बारे में काफी बकवास बातें सुनी हैं।

नर्स नादजेट फेला ने कहा कि बुर्के के साथ या उसके बिना हम लाइन में अंतिम खड़े किए जाने के नाते बीमार हैं। उन्होंने कहा कि हमने घूंघट पहनने के दबाव में अल्जीरिया में अभियान चलाया था। उन्होंने कहा कि मैंने बुर्का नहीं पहनना चुना। मगर, मुझे इससे दुख होता है कि इसे पहनने वालों को चुना जाता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा मुसलमानों के खिलाफ एक निंदनीय प्रचार किया गया है। उन्होंने कहा कि जिहादी आतंकवाद को जानबूझकर इस्लाम के साथ जोड़ा गया था। नवीनतम अध्ययनों के अनुसार, फ्रांस में 50 से 60 लाख मुस्लिम हैं, जो इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म बनाता है और यूरोप में सबसे बड़ा मुस्लिम समुदाय बनाता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai