Sheikh Hasina India Visit: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने भारत दौरे से एक दिन पहले समाचार एजेंसी एएनआई को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों से लेकर रोहिंग्या मुसलमानों की समस्याओं जैसे तमाम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों पर बात करते हुए कहा कि ये देश के लिए बहुत बड़ा बोझ हैं और उन्हें लगता है कि इस मुद्दे का समाधान निकलाने में भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। शेख हसीना 5 सितंबर, सोमवार को भारत दौरे पर आने वाली हैं। आइए, आपको बताएं कि विभिन्न मुद्दों पर उनकी क्या राय है।

पीएम मोदी को धन्यवाद

  • मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैक्सीन मैत्री पहल के लिए धन्यवाद करती हूं। भारत ने सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, दूसरे दक्षिण एशियाई देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान हमारे बहुत-से छात्र यूक्रेन में फंसे हुए थे। भारत ने जब अपने छात्रों को वहां से निकाला, तब हमारे छात्रों को भी वहां से निकाला, इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करती हूं।

भारत-बांग्लादेश संबंध

आपसी संबंधों में तनाव की वजहें

  • हमारे यहां सांप्रदायिक सौहार्द्र सौहार्द है। कभी-कभी, कुछ घटनाएं होती हैं, जिसे लेकर हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। मेरी पार्टी के लोग इसे लेकर बहुत सचेत है।
  • हम नीचे की ओर स्थित हैं, पानी भारत से आ रहा है। इसलिए भारत को और उदारता दिखानी चाहिए। इससे दोनों देश लाभान्वित होंगे। कभी-कभी हमारे लोगों को बहुत नुकसान होता है, खासकर तीस्ता नदी के चलते।
  • मुझे लगता है कि इसे हल किया जाना चाहिए। PM नरेंद्र मोदी इस समस्या को हल करने के लिए बहुत उत्सुक हैं, लेकिन आपके देश में समस्या है। हम केवल गंगा का जल साझा करते हैं, लेकिन 54 अन्य नदियां भी हैं। यह लंबे समय से चली आ रही समस्या है, इसका समाधान किया जाना चाहिए।

बांग्लादेश की विदेश नीति

  • हमारी विदेश नीति बहुत स्पष्ट है- सभी से मित्रता, किसी से भी द्वेष नहीं रखना.... अगर चीन और भारत के बीच कोई समस्या है तो मैं उसमें नहीं पड़ना चाहती। मैं अपने देश का विकास चाहती हूं।
  • भारत हमारा पड़ोसी है। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। कुछ समस्याएं हैं, लेकिन हमने ज्यादातर का समाधान किया है... मुझे लगता है कि हमें लड़ना नहीं चाहिए। यदि पड़ोसी देशों के बीच कोई समस्या है तो उसे द्विपक्षीय रूप से हल किया जा सकता है।
  • हमारी अर्थव्यवस्था अभी भी बहुत मज़बूत है। हमने कोरोना महामारी का सामना किया, यूक्रेन-रूस युद्ध का भी प्रभाव पड़ा, लेकिन बांग्लादेश समय पर ऋण चुकाता रहा है। मुझे नहीं लगता कि हमें कभी श्रीलंका जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

रोहिंग्या शरणार्थी समस्या

  • हमारे लिए यह एक बड़ा बोझ है, हम अंतरराष्ट्रीय समुदायों और अपने पड़ोसी देशों के साथ परामर्श कर रहे हैं। जिससे वे (रोहिंग्या) घर वापस जा सकें। हम उन्हें (रोहिंग्या) आश्रय दे रहे हैं, सभी चीज उपलब्ध करा रहे हैं।
  • कोविड के दौरान उन्हें वैक्सीन भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन वे यहां कब तक रहेंगे? कुछ लोग ड्रग्स की तस्करी, महिला तस्करी में लिप्त हैं। वे जितनी जल्दी अपने घर वापस जाएं, वो हमारे देश के लिए और म्यामांर के लिए अच्छा है।

Posted By: Shailendra Kumar

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