इस्लामाबाद। बालाकोट हमले का खौफ पाकिस्तान से अभी तक गया नहीं है। इसलिए अब पाकिस्तान एयर स्पेस खोलने के लिए सौदेबाजी पर उतर आया है। उसका कहना है कि भारत जब तक अपने अग्रिम वायु सैन्य स्टेशनों से लड़ाकू विमानों को नहीं हटाता, तब तक वह भारत के व्यवसायिक उड़ानों के लिए अपने एयर स्पेस को नहीं खोलेगा। पाकिस्तान के उड्डयन सचिव शाहरूख नुसरत ने संसदीय समिति के सामने यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी ठिकाने पर एयर स्ट्राइक की थी । उसके बाद से पाकिस्तान ने खौफ में आकर अपने एयर स्पेस को बंद कर दिया है।शाहरूख नुसरत पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन अधिकरण (सीएए) के महानिदेशक भी हैं। डॉन न्यूज के अनुसार नुसरत ने गुरुवार को उड्डयन मामलों पर सीनेट की स्थायी समिति को बताया कि उनके विभाग ने भारत से पाकिस्तान के पक्ष को स्पष्ट कर दिया है।

नुसरत ने समिति को यह भी बताया कि एयर स्पेस खोलने के लिए भारत ने पाकिस्तान से संपर्क किया था। यह शायद पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने एयर स्पेस खोलने के लिए शर्त की बात कही है। पिछले महीने, सीसीए ने एयर स्पेस पर पाबंदी को 12 जुलाई तक बढ़ा दिया था।

समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार पाकिस्तान द्वारा पाबंदी लगाए जाने की वजह से भारत से उड़ने वाले विमानों को लंबा रास्ता पकड़ कर जाना पड़ रहा है। इससे खर्च में इजाफा हो गया है। अखबार के अनुसार सीसीए ने भारत के इस दावे को भी चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि भारत ने पाकिस्तान के लिए अपने एयर स्पेस को खोल दिया था। नुसरत ने समिति को बताया कि भारत के एयर स्पेस से थाईलैंड और मलेशिया के लिए पाकिस्तान से विमान सेवा भी अभी शुरू नहीं हो पाई है।

पिछले महीने पाकिस्तान ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)की बैठक में शामिल होने किर्गिस्तान के बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान के लिए अपना एयर स्पेस खोल दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का वीवीआइपी विमान पाकिस्तान के एयर स्पेस से नहीं गुजरा था।