कराची। पाकिस्तान के कानून-कायदों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पाकिस्तान सरकार अब सेना अधिनियम में संशोधन पर विचार कर रही है। माना जा रहा है पाक सरकार ने यह फैसला सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट से मिले झटके के बाद लिया है। इसके लिए सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अपने सहयोगी दलों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले 28 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सेना प्रमुख के कार्यकाल को तीन साल के बजाय केवल छह महीने बढ़ाने की सशर्त अनुमति प्रदान की थी। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को इस संबंध में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया ।

डॉन अखबार ने एमक्यूएम-पी से जुड़े लोगों के हवाले से लिखा है कि दोनों दलों की इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि पीटीआइ का नेतृत्व वाला गठबंधन बरकरार है और सेना प्रमुख के कार्यकाल विस्तार को लेकर सेना अधिनियम में बदलाव को लेकर गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है। इस बैठक के बाद विदेश मंत्री कुरैशी और एमक्यूएम-पी के नेता खालिद मकबूल सिद्दीकी मीडिया से मुखातिब भी हुए। विदेश मंत्री कुरैशी ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, हम मौजूदा कानून को लागू करने के लिए बाध्य हैं और हमने इसको सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया है। वहीं सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पार्टी अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर पीटीआई के नेतृत्व वाली सरकार को बिना शर्त समर्थन देना जारी रखेगी।

गौरतलब है पीएम इमरान खान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को सेवा विस्तार देना चाहते थे, क्योंकि जनरल बाजवा फिलहाल पीएम इमरान के खास पैरोकार बने हुए हैं, लेकिन इमरान खान के मंसूबों पर पाक सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगा दिया है।

Posted By: Yogendra Sharma