कराची। पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर में आजादी के समर्थन में शांति के साथ रैली निकाल रहे हजारों लोगों पर अत्याचार किया और 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारियों पर दंगा फैलाने का आरोप लगाया गया है। हिजरा सब डिवीजन में पाकिस्तान की पुलिस ने बर्बरता पूर्वक यह कार्रवाई की है। वहां उठी आजादी की मांग ने इमरान सरकार की परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक तरफ वह भारत सरकार की ओर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के विरोध में दुनिया को भारत के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश में लगा है, वहीं पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के खिलाफ ही आवाज उठने लगी हैं।

पाकिस्तान के जुर्म के खिलाफ लोगों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख सरदार मोहम्मद सागिर के नेतृत्व में फ्रीडम लॉन्ग मार्च निकाला गया था। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प हुई। बताते चलें कि शनिवार को भी मुजफ्फराबाद में नियंत्रण रेखा पास इसी तरह का माहौल था। इस इलाके में मोबाईल फोन सर्विस को बंद कर दिया गया है। जेकेएलएफ के वरिष्ठ नेता तौकिर गिलानी ने कहा कि पार्टी के 40 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर विरोध खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है।

जिला पुलिस के प्रमुख ताहिर महमूद कुरैशी ने कहा कि हम लोगों को निकलने के लिए सुरक्षित जगह दे रहे हैं। मगर, वे उस इलाके में जा रहे हैं, जहां भारतीय सेना उन पर गोलीबारी कर सकती है। कुरैशी ने दावा किया कि भारत की तरफ से होने वाली गोलीबारी में लोगों को जान-माल का नुकसान नहीं हो, इस कोशिश में प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हुई है। डीआईजी ने कहा कि झड़प में प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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