Pakistan New Map: पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने अपना नया नक्शा जारी किया है। नए नक्शे में न केवल पूरे जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है, बल्कि गुजरात के जूनागढ़ को भी मिला लिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज करते हुए इमरान खान का 'राजनीतिक नक्शा' बताया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इमरान खान ने यह नक्शा जारी कर खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। दरअसल, पहली बार पाकिस्तान ने गिलगित बाल्टिस्तान का कश्मीर का हिस्सा बताया है। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि भारत शुरू से इस हिस्से पर भी अपना हक जताता रहा है। अब पाकिस्तान द्वारा इसे कश्मीर का हिस्सा बताए जाने से भारत का दावा मजबूत हो जाएगा।

अब कैसे मांगेंगे कश्मीर की आजादी

जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने अभी जो नक्शा जारी किया गया है, वो 1947-48 के नक्शों से मिलता - जुलता है, जब मोहम्मद अली जिन्ना राष्ट्रपति बने थे। फिर जब बांग्लादेश अलग हुआ तो भी पाकिस्तान को नक्शा बदलना पड़ा। पूरे जम्मू-कश्मीर को अपना हिस्सा बताकर पाकिस्तान ने घाटी के अलगाववादियों के लिए भी मुश्किल खड़ी कर दी है। अब वे किससे कश्मीर की आजादी मांगेगे। पाकिस्तान यदि कश्मीर घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो उसे पर आरोप लगेंगे कि वो अपनी ही लोगों की जिंदगी को बर्बाद कर रहा है।

एक साथ कितने समझौतों का उल्लंघन

1947-48 के नक्शों को फिर से खोलकर पाकिस्तान ने 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के द्विपक्षीयवाद को भी छोड़ दिया है। इन दोनों समझौतों ने द्विपक्षीय विवादों को द्विपक्षीय रूप से हल करने के लिए दोनों देशों को प्रतिबद्ध किया है। सवाल उठ रहा है कि क्या इमरान खान का 'नया पाकिस्तान' भी अन्य द्विपक्षीय समझौते छोड़ना चाहता है? भारत इन सभी मुद्दों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में जा सकता है और कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान को नीचा दिखा सकता है।

Posted By: Arvind Dubey

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