Pakistan : आखिरकार पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले को मानना पड़ा। पाकिस्तान ने आज संसद की संयुक्त बैठक में एक विधेयक पारित किया और भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को अदालत में अपील करने का अधिकार प्रदान किया। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के फैसले को मानते हुए संसद की संयुक्त बैठक में इससे संबंधित एक विधेयक पारित किया।पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने 10 जून (गुरुवार) को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले के संबंध में भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव को अपील का अधिकार देने के लिए विधेयक पेश किया था।

पिछले महीने पाकिस्तान की अदालत ने मौत की सजा पाए भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव का एक कोर्ट में प्रतिनिधित्व करने के वास्ते अधिवक्ता की नियुक्ति करने के लिए भारत को और समय प्रदान किया था। ये अदालत एक सैन्य कोर्ट द्वारा जाधव को सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि की समीक्षा करेगा। इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने जाधव के लिए वकील नामित करने के संबंध में कानून मंत्रालय के मामले की सुनवाई की थी।

क्या है पूरा मामला?

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, 50 वर्षीय कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी एवं आतंकवाद के आरोपों में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच न देने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) में अपील की थी। द हेग स्थित ICJ ने जुलाई 2019 में फैसला दिया कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराने और सजा सुनाने संबंधी फैसले की ‘‘प्रभावी समीक्षा एवं पुनर्विचार’’ करना चाहिए। साथ ही जाधव तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए बिना देरी किए भारत को अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

Posted By: Shailendra Kumar