कराची। आतंकी संगठन तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बम धमाके में सरगना मुल्ला हैबतुल्ला अखुनजादा के भाई की मौत की वजह से अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता पर कोई असर नहीं होगा। अफगानिस्तान में करीब दो दशक से चल रहे गृहयुद्ध की समाप्ति के लिए अमेरिका और तालिबान के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष जल्द किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।

इस द्विपक्षीय वार्ता में पाकिस्तान का भी काफी अहम रोल माना जा रहा है। ऐसे में बलूचिस्तान में हुए विस्फोट से वार्ता के पटरी से उतरने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन तालिबान ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। पिछले शुक्रवार को क्वेटा से 25 किलोमीटर दूर कुचलाक क्षेत्र की एक मस्जिद में नमाज के वक्त बम धमाका हुआ था इस धमाके में हैबतुल्ला के भाई हाफिज अहमदुल्ला सहित सात लोगों की मौत हो गई थी और 22 घायल हुए थे।

अहमदुल्ला उस मस्जिद का इमाम था। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इस धमाके में आठ से दस किलो विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह धमाका तालिबान प्रमुख को ही निशाना बनाने के लिए किया गया था लेकिन वह उस समय मस्जिद में नहीं था।