मॉस्को। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल के अंत में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के शिखर सम्मेलन में आमने-सामने आ सकते हैं। शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने घोषणा की है कि इस वर्ष शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। इस आयोजन में भारत, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के नेता एक मंच पर आएंगे।

इसके अलावा रूस जुलाई में SCO देशों के राष्ट्राध्यक्षों की एक बैठक की मेजबानी जुलाई में अलग से करेगा। नोरोव ने सोमवार को कहा कि इस साल पहली बार भारत एससीओ निकायों में से एक की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों ने शरद ऋतु 2020 में प्रधानमंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने की भारत की इच्छा की सराहना की है। साल 2017 में भारत और पाकिस्तान इस संगठन के पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान बैठक में भारत के न्योते को स्वीकार करेगा या नहीं। सवाल यह भी अहम है कि क्या एससीओ शिखर सम्मेलन दोनों देशों के संबंधों को वापस पटरी पर लाने में मददगार होगा। दरअसल, 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने कश्मीर को विशेष राज्या का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। पाकिस्तान लगातार इसके विरोधर कर रहा था और इसकी वजह से दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे।

बताते चलें कि किर्गिस्तान में पिछले एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान, सदस्य देशों ने अपने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की थी। सदस्य राष्ट्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल काउंटर-टेररिज्म स्ट्रैटेजी को पूरी तरह से लागू करके आतंकवाद के खिलाफ कोशिश में दुनिया के सहयोग को मजबूत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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