थिम्पू। पीएम नरेंद्र मोदी के भूटान दौरे का यह दूसरा दिन है। थिम्पू में छात्रों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि भूटान और भारत के लोग एक-दूसरे के साथ बहुत लगाव का अनुभव करते हैं, क्योंकि हम सिर्फ अपने भूगोल के कारण ही एक नहीं हैं। हमारे इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं ने हमारे लोगों और राष्ट्रों के बीच अनोखे और गहरे बंधन बनाए हैं।

थिम्पू में भूटान के रॉयल विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भूटान का दौरा करने वाला कोई भी व्यक्ति यहां की प्राकृतिक सुंदरता से उतना ही प्रभावित होता है, जितना कि उसके लोगों की गर्मजोशी और सादगी से होता है। आध्यात्मिकता और युवा हमारी शक्ति हैं। मैं भूटान के भविष्य के साथ खड़ा हूं।

आज अवसरों की कोई कमी नहीं है

पीएम मोदी ने छात्रों को तनाव नहीं लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत के आईआईटी और भूटान की यूनिवर्सिटी के साथ जो करार हुआ है, उससे भूटान के छात्रों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल ही में चंद्रयान-2 को लॉन्च किया है, जो लगातार अपनी कक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है।

मोदी ने कहा कि आज के दौर में अवसरों की कमी नहीं है। यह खुशी की बात है कि युवा भूटानी वैज्ञानिक भूटान के अपने छोटे उपग्रह को डिजाइन करने और लॉन्च करने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। मुझे उम्मीद है कि किसी दिन जल्द ही आप में से कई वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर होंगे।

इस भूमि के बच्चे इस दुनिया की समस्याओं का निदान तलाशेंगे, हमारे पास चुनौतियां हैं, लेकिन हर चुनौती के लिए हमारे पास यंग माइंड्स हैं। सहयोग के परंपरागत क्षेत्रों से आगे जाकर स्कूल से स्पेस, डिजिटल पेमेंट से डिजास्टर मैनेजमेंट तक हमारे बीच सहयोग का आप जैसे युवा दोस्तों पर सीधा असर पड़ेगा।

भारत में आज कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं, भारत अभूतवर्ग गति से गरीबी मिटा रहा है। बुनियादी ढांचे में निर्माण की गति दोगुनी हो गई है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना चल रही है, जिसमें 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है।

भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित है एक्जाम वॉरियर्स

भूटान ने सद्भाव, एकजुटता और करुणा की भावना को समझा है। कल जब मैं भूटान की सड़कों से गुजरा, तो मेरे स्वागत में खड़े बच्चों के चेहरों पर इसकी चमक दिख रही थी। मैं हमेशा उनकी मुस्कुराहट को याद रखूंगा।

मोदी ने अपनी किताब एग्जाम वॉरियर्स के बारे में कहा कि इस किताब में मैंने लिखा है कि तनाव के बिना परीक्षा का सामना कैसे करें? हर व्यक्ति स्कूल-कॉलेज की परीक्षा और जीवन के क्लास रूम में इसका सामना करता है।एग्जाम वॉरियर्स में मैंने जो लिखा है, वह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित है।

खासतौर पर सकारात्मकता का महत्व और डर से जीतने के बारे में। भारत वह भूमि है जहां राजकुमार सिद्धार्थ, गौतम बुद्ध बने और जहां से बौध धर्म का प्रकाश दुनिया में फैला। भूटान में बौद्ध संतों और बौद्ध भिक्षुओं की पीढ़ियों ने इसे भूटान में और अधिक प्रकाशित किया।

दूसरे कार्यकाल में मोदी का पहला दौरा

दूसरी बार केंद्र में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला भूटान दौरा है। अपने इस दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी वहां विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ही कई प्रोजेक्ट्स का तोहफा भी देंगे। इस दौरान वह भूटान के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय विकास साझेदारी को मजबूत बनाने और पनबिजली क्षेत्र में सहयोग समेत कई मसलों पर बातचीत करेंगे।

बता दें, भारत के साथ विकास साझेदारी भूटान के साथ द्विपक्षीय संबंधों का बड़ा पहलू है। भारत ने पिछले साल दिसंबर में भूटान की 12वीं पंचवर्षीय योजना में सहायता के लिए 5,000 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता जताई थी। इसकी पहली किस्त जारी भी कर दी गई है।