पेरिस। भारत और फ्रांस ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की पुरजोर निंदा की है। दोनों देशों ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से जायज नहीं ठहराया जा सकता है और जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा समेत आतंकी गुटों के सीमा पार गतिविधियों को पूरी तरह से रोकने का आह्वान किया। पाकिस्तान स्थित ये आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

अपनी फ्रांस यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूनेस्को ऑफिस में पहुंचे। पीएम मोदी के पहुंचने के बाद यहां उनका स्वागत किया गया। यहां उन्होंने डायरेक्टर जनरल ऑड्रे अजुले से मुलाकात की। पीएम के हॉल में पहुंचते ही वहां मौजूद भारतीय मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करने से पहले लोगों से राष्ट्रगान गाने का आह्वान किया।

इसके बाद मोदी को मोंट ब्लां के बारे में बताया गया, जहां कई भारतीयों की मौत हो गई थी। लोगों को संबोधित करने से पहले उन्होने 1950 तथा 1960 के दशकों में एयर इंडिया के दो विमान हादसों में मारे गए पीड़ितों की याद में बनाए गए एक स्मारक स्थल का उद्घाटन किया।

मोदी ने भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस के लोगों की मित्रता अटूट है। ऐसा कोई मौका नहीं है, जहां दोनों देशों के लोगों ने एक दूसरे का समर्थन न किया हो और साथ न दिया हो। दोस्तों, आज का दिन भारत-फ्रांस की दोस्ती के नाम है। हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देना ही दोस्ती है।

सुख-दुख में खड़े हैं दोनों देश साथ

फ्रांस की फुटबॉल टीम के प्रशंसकों की जितनी संख्या फ्रांस में है, उससे कहीं ज्यादा भारत में है। जब फ्रांस ने फुटबॉल में विश्व कप जीता था, तो भारत में जीत का जश्न मनाया गया था। इसी तरह से दुख की घड़ी में भी भारत और फ्रांस साथ खड़े रहे। फ्रांस में हुए एयर इंडिया के 2 विमान हादसों की याद में बना स्मारक है। स्मारक बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनमें भारत के महान वैज्ञानिक डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा भी थे।

इस दुर्घटना में जिन्होंने भी अपने प्राण गवाएं, मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। इस मेमोरियल का हर पत्थर दोनों देशों की संवेदनशीलता का सबूत है। हादसे के बाद विमान के मलबे की खोज में फ्रांस के गाइड दल ने दिन-रात काम किया था। आज उन गाइड्स के परिवार से संपर्क का अवसर मिला। मैं भारत की तरफ से उनका आदरपूर्वक आभार व्यक्त करता हूं।

मैं वादा भूलने वाली नेताओं की बिरादरी से नहीं हूं

मोदी ने कहा कि चार साल पहले जब मैं फ्रांस आया था, तो मैंने एक वादा किया था। आप लोगों को बेशक याद नहीं होगा पर मुझे याद है। आमतौर पर नेताओं को वादा भुला देने में मजा आता है, लेकिन मैं उस बिरादरी से नहीं हूं। मैं खुद अपना वादा याद कर रहा हूं। चार साल पहले मैंने कहा था कि भारत आशाओं और आकांक्षाओं के साथ चलने वाला है। आज हम उस सफर पर निकल चुके हैं और 130 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास से भारत तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

यही कारण है कि इस बार फिर देशवासियों ने पहले से भी प्रचंड जनादेश देकर हमारी इस सरकार को समर्थन दिया है। फिर एक बार हमें देश की सेवा का मौका दिया है। यह जनादेश सिर्फ सरकार चलाने के लिए नहीं है, बल्कि नए भारत के निर्माण के लिए है। एक ऐसा नया भारत, जिसकी समृद्ध सभ्यता और संस्कृति पर दुनिया को गर्व हो। ऐसा नया भारत ईज ऑफ डुइंग बिजनेस पर हो और जो ईज ऑफ लिविंग पर भी कदम उठाए।

पिछले पांच सालों में सकारात्मक बदलाव हुए हैं

भारत में पिछले पांच सालों में ढेर सारे सकारात्मक बदलाव हुए हैं। इसमें भारत के युवा, किसान, गरीब, नारी शक्ति उसके केंद्र में रहे। फुटबॉल प्रेमियों के बीच में आया हूं, और आप जानते हैं कि गोल का क्या महत्व होता है। हमने पिछले पांच सालों में ऐसे गोल बनाये हैं, जो पहले नामुमकिन माने जाते थे।

मगर, टीम स्पिरिट की भावना से हमने उन लक्ष्यों को साकार करके दिखाया है। एक तय समय में सबसे ज्यादा बैंक एकाउंट अगर किसी देश में खुले हैं, तो भारत में खुले हैं। सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम किसी देश में चल रही है, तो वह भारत में चल रही है। अमेरिका, मैक्सिको, कनाडा की आबादी से ज्यादा लोग इस स्कीम के लाभार्थी हैं।

दुनिया ने 2030 तक टीबी खत्म करने का लक्ष्य रखा है, भारत इसे 2025 में पूरा कर लेगा। हिंदुस्तान वही है, गांधी भी वही है, आप भी वही हैं। इस बार 150वीं जयंती पर दुनिया के 124 देशों के टॉप सिंगर्स ने 'वैष्णव जन' गाना गाया है। हम गरीबी से पार आ रहे हैं। यह भी हमारा गोल था, जिसे हम तेजी से पूरा करने में लगे हैं। भारत आज नई ऊर्जा से लगा है और उसका प्रतीक है कि भारत स्टार्टअप की दुनिया में आगे है। छोटे-छोटे शहर के युवा एक से एक काम कर रहे हैं।

नए भारत में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, आतंकवाद की जगह नहीं

आज नए भारत में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जनता के पैसे की लूट, आतंकवाद पर जिस तरह लगाम कसी जा रही है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। नए भारत में थकने, रुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। नई सरकार को बने ज्यादा दिन नहीं हुए हैं, अभी सिर्फ 75 दिन हुए हैं। 100 दिन होना बाकी है। ये दिन स्वागत सत्कार, जय-जयकार के होते हैं। मगर, हम उस चक्कर में नहीं पड़े।

नई सरकार बनते ही जल शक्ति के लिए नया मंत्रालय बनाया गया है, जो पानी से संबंधित सारे विषयों को देखेगा। गरीब किसानों और व्यापारियों को लाभ मिले, इसका फैसला किया गया। ट्रिपल तलाक, एक अमानवीय कुरीति है, जिसे हमने खत्म कर दिया। कोई माने या न माने इन करोड़ों बेटियों के आशीर्वाद सदियों तक भारत का भला करने वाले हैं।

मुस्लिम बहन, बेटियों के साथ ऐसा अन्याय नया हिंदुस्तान कैसे स्वीकार कर सकता है। इसी तरह चाइल्ड प्रोटेक्शन और हेल्थ के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं। संसद का सत्र पिछले 60 सालों में सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव रहा है। यह इसलिए हुआ क्योंकि देश की जनता ने ठप्पा लगाया। ये सवा सौ करोड़ देश वासियों की ताकत है, जिसका दबाव होता है, जो देशहित के काम करने के लिए हर किसी को प्रेरित और मजबूर करता है।

चंद्रयान की उपलब्धि पर भी की चर्चा

सात सितंबर को हम सभी का चंद्रयान, चांद पर उतरने वाला है। इस उपलब्धि के बाद चांद पर उतरने वाला भारत, दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। भारत में हो रही इस प्रगति के बीच फ्रांस के साथ हमारे सदियों पुराने संबंध दिन प्रति दिन मजबूत हुए हैं। हमारी दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं, बल्कि ‘लिबर्टी, इक्वैलिटी और फ्रेटरनिटी' के ठोस आदर्शों पर टिकी है।

एक दूसरे के प्रति ध्यान, विश्वास को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। भारत और फ्रांस एक दूसरे के लिए लड़े भी हैं और जिए भी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रथम विश्वयुद्ध में 9,000 भारतीय सैनिकों ने अपनी जान दी थी। यहां रहने वाले हर हिंदुस्तानी को नौ हजार का आंकड़ा कभी भूलना नहीं चाहिए।

हमने फासिज्म और एक्सट्रीमिज्म का सामना किया है। आज अगर भारत और फ्रांस दुनिया के बड़े खतरों से लड़ने में सहयोग कर रहे हैं, तो उसका कारण यह साझा मूल्य ही हैं। भारत और फ्रांस के संबंधों की दूसरी विशेषता यह है कि हम चुनौतियों का सामना बातों से नहीं, ठोस नीतियों से करते हैं।

हमने और फ्रांस ने मिलकर क्लाइमेट चेंज के खिलाफ शुरुआत की। इस दौरान पीएम ने भारत फ्रांस की दोस्ती पर नई परिभाषा भी दी। उन्होंने इसे INFRA का नाम दिया। मोदी ने कहा कि आजकल हम 21वीं सदी के INFRA की बात करते हैं, (IN + FRA) दरअसल INDIA और FRANCE का गठबंधन बनता है। यह Solar Infra से लेकर Social Infra तक, Technical Infra से लेकर Space Infra तक, Digital Infra से लेकर Defence Infra तक, भारत और फ्रांस का गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है।