मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। Police Horse Jake : चाय से दिन की शुरुआत करने वालों की कमी नहीं है। देश और दुनिया में अधिकांश लोग सुबह उठकर चाय पीते हैं और उसके बाद ही उनका दिन शुरू होता है। सुबह अगर टाइम पर चाय या कॉफी ना मिले तो उनका मूड उखड़ जाता है और पूरा दिन अपने आप में कुछ अधूरापन सा लगता है। यहां तक तो ठीक है लेकिन अगर हम आपको यह बताएं कि एक घोड़ा भी चाय का जर्बदस्‍त शौकीन है तो आपको शायद ही यकीन आए। बात अटपटी जरूर है लेकिन है रोचक और सच। एक घोड़ा चाय का ऐसा प्रेमी है कि चाय के बिना उसके भी दिन की शुरुआत नहीं होती। यह घोड़ा मर्सीसाइड पुलिस (Merseyside Police) का है। इसका नाम जैक(Jake) है। उसे चाय की लत नहीं है लेकिन आदत है। जैक को जिस दिन चाय नहीं मिल पाती है, वह अपने काम पर ही नहीं जा पाता है। जैक का यह चाय प्रेम अब विश्‍व भर की मीडिया के लिए रोचक खबर बन चुका है। वायरल खबरों के मुताबिक जैक की उम्र अभी 20 साल है और वह 5 साल की उम्र से नियमित रूप से चाय पी रहा है। यानी उसे चाय पीते हुए पूरे 15 साल हो चुके हैं। जैक का यह वीडियो ने सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। लोगों को इसे चाय पीते देखना बहुत पसंद आ रहा है। करीब एक सप्‍ताह पहले ही ट्विटर पर पोस्ट किए जाने के बाद से अभी तक यह 2 लाख से अधिक बार देखा गया है और इस पर हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। मर्सिसाइड पुलिस के माउंटेड सेक्‍शन के जितने भी अधिकारी हैं, सभी जैक की इस खास आदत से वाकिफ हैं। इसके चलते जैक को अब रोज सुबह चाय पिलाई जाती है। उसके सामने एक कप भरकर चाय रखी जाती है और वह बड़े मन से सिप ले लेकर चाय पीता है।

मर्सीसाइड पुलिस माउंटेड सेक्शन मैनेजर और ट्रेनर लिंडसे गावेन कहते हैं, “जेक उन बारह घोड़ों में से एक है, जिन्हें हमारे साथ काम करने के दौरान मिला है। अगले साल जैक रिटायर हो जाएगा, इसलिए उसकी चाय का अभी से ध्‍यान रखा जा रहा है। अफसरों का कहना है कि रिटायर होने के बाद जैस लिवरपूल के अलर्टन नामक स्‍थान पर रहेगा। यहां भी उसके लिए सुबह की चाय का इंतजाम किया गया है। उसे एक बड़े से कप में चाय दी जाएगी।

Merseyside उत्तर पश्चिम इंग्लैंड में एक महानगरीय काउंटी है, जिसकी आबादी 1.38 मिलियन है। यह जर्सी के निचले इलाके के दोनों किनारों पर केंद्रित महानगरीय क्षेत्र को समेटे हुए है और इसमें पांच बसाहटें नोज़ली, सेंट हेलेंस, सेफ्टन, विराल और लिवरपूल शहर शामिल हैं।

Posted By: Navodit Saktawat