PM Modi Italy Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वेटिकन सिटी में कैथोलित ईसाई धर्म के सर्वोच्च नेता पोप फ्रांसिस से मुलाकात की। पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस को भारत आने का न्यौता भी दिया। अगर पोप यह इनविटेशन स्वीकार करते हैं, तो उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले पोप जॉन पॉल-II साल 1999 में भारत आए थे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने प्रधानमंत्री मोदी के पोप फ्रांसिस से मिलने पर स्वागत किया। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि यह खुशी की बात है कि पीएम अन्य राष्ट्रों के प्रमुखों से मिल रहे हैं। हमारे देश का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।

इटली में प्रवासी भारतीयों से की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इटली में प्रवासी भारतीयों से बातचीत भी की। उन्होंने उनकी कुछ फोटोज ट्विटर पर शेयर भी की। लिखा कि रोम में बीती शाम, इटली के प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत अच्छी रहीं। कई विषयों पर उनके विचारों को सुनना शानदार अनुभव रहा। सनातन धर्म संघ के अध्यक्ष स्वामिनी हंसानंद गिरि ने कहा, पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात दिल छू लेने वाली रहीं। उन्होंने कहा, इटली में हिंदू होना आसान नहीं है, लेकिम मोदी से मिलना हमारे लिए सम्मान की बात है।

जी-20 के पहले सत्र में कहा ये

पीएम नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य की बात रखी। उन्होंने कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत के योगदान का भी जिक्र किया। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस प्रकोप के वक्त सरकार की ओर से 150 से ज्यादा देशों को की गई मेडिकल आपूर्ति का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने वन अर्थ वन हेल्थ विजन पर बात की। जिससे जी-20 के सभी नेताओं ने स्वीकार किया। हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी ने सम्मेलन में बताया कि क्यों भारत पूरे विश्व के लिए एक जैसी हेल्थ सिस्टम की वकालत करता है। उन्होंने प्रमुखों को बताया कि संकट के समय भारत ने किस तरह आगे आकर दूसरे देशों की मदद की।

Posted By: Navodit Saktawat