लंदन। अपने भारत दौरे की 50वीं वर्षगांठ मना रहा ब्रिटेन का रॉक बैंड बीटल्स लंदन में इस मौके पर एक प्रदर्शनी बीटल्स इन इंडिया का आयोजन कर रहा है। प्रदर्शनी का आकर्षण जाने-माने सितार वादक स्वर्गीय पंडित रवि शंकर का सितार होगा।

पंडित रवि शंकर का सितार होगा प्रमुख आकर्षण-

ब्रिटेन का यह रॉक बैंड 1968 में भारत दौरे पर आया था। उस समय यह उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित महर्षि महेश योगी के आश्रम में गया था। इसी दौरे के उपलक्ष्य में बीटल्स बैंड अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके लंदन में एक प्रदर्शनी बीटल्स इन इंडिया का आयोजन भी किया गया है।

रवि शंकर फाउंडेशन ने द बीटल्स स्टोरी म्यूजियम को कुछ समय के लिए उनका सितार दिया है। ब्रिटेन के लिवरपूल शहर स्थित इस म्यूजियम में प्रदर्शनी का शुभारंभ 15 फरवरी को होगा।

बीटल्स बैंड के प्रख्यात सदस्य जॉन लेनन, पॉल मैक-कार्टने, रिगो स्ट्र्रार्र और जॉर्ज हैरिसन 15 फरवरी, 1968 को महेश योगी के आश्रम गए थे। बीटल्स इन इंडिया प्रदर्शनी में बैंड से जुड़ी उन चीजों को दिखाया जाएगा जिनके बारे में दुनिया अनजान है।

बीटल्स स्टोरी म्यूजियम के प्रबंधक डियान ग्लोवर ने कहा, '1968 का भारत दौरा बीटल्स के लिए बहुत अहम रहा। बीटल्स के प्रबंधक का 1967 में निधन हो गया था। उसके बाद रॉक बैंड के सभी सदस्य आध्यात्मिकता की तलाश में चकाचौंध छोड़ भारत पहुंचे थे। मुझे भी पिछले साल ऋर्षिकेश के आश्रम जाने का मौका मिला था। यह चमत्कारिक स्थान है। दिवंगत रवि शंकर के संगीत से बैंड के सदस्य हैरिसन बहुत प्रभावित थे। उन्होंने ही भारतीय वाद्य यंत्रों का प्रयोग 1960 में अपने पॉप संगीत में किया था।'

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