मेलबर्न। ऑस्ट्रेलियन एयरलाइन क्वांटस एयरवेज दुनिया की सबसे लंबी उड़ान के लिए तैयार है। यह फ्लाइट शुक्रवार को न्यूयॉर्क से सीधे सिडनी के लिए उड़ान भरेगी और रविवार सुबह ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी। आज तक किसी भी एयरलाइन ने बिना रुके इस रूट पर उड़ान नहीं भरी है। बताया जा रहा है कि यह सफर करीब 20 घंटे का होगा और इसके साथ ही यह दुनिया की सबसे लंबी उड़ान वाली पहली फ्लाइट बन जाएगी।

केबिन में वैज्ञानिकों और चिकित्सा शोधकर्ताओं ने क्वांटस के ब्रांड-न्यू बोइंग कंपनी ड्रीमलाइनर को एक उच्च-ऊंचाई वाली प्रयोगशाला में बदल दिया जाएगा। वे सतर्कता के लिए पायलटों के दिमाग की स्क्रीनिंग करेंगे। इसके साथ ही कुछ दर्जन यात्रियों के भोजन, नींद और गतिविधि की निगरानी भी की जाएगी। इसका मकसद यह देखना है कि मनुष्य किस तरह से इतनी लंबी उड़ान में आने वाली समस्याओं का सामना करते हैं और कैसे संयमित रह सकते हैं। फ्लाइट में खाने के बारे में फीडबैक, डेडिकेटेड स्ट्रेचिंग जोन और यात्रियों के मनोरंजन विकल्प भी शामिल होंगे।

एयरलाइन इंडस्ट्री में संभावित कस्टमर बेस चौंका देने वाला है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को उम्मीद है कि साल 2019 में करीब 4.6 अरब लोग उड़ान भरेंगे, जो साल 2037 में बढ़कर 8.2 अरब हो जाएंगे। बीआईएस हेल्थकेयर के अनुसार, फ्लाइट की वजह से जेट लैग थैरेपी की मांग भी हर साल 6 फीसद की दर से बढ़ रही है और साल 2023 में बढ़कर 732 मिलियन डॉलर की हो जाएगी। ग्लोबलडेटा के अनुसार, नींद न आने की समस्या के विकार का बाजार बढ़ता जा रहा है और नींद की गोलियों का इसमें वर्चस्व है। फिलहाल नींद की गोलियों का बाजार करीब 1.5 अरब डॉलर का है, जो साल 2023 तक बढ़कर 1.7 अरब डॉलर का हो जाएगा।

बताते चलें कि कस्टमर पर शारीरिक बोझ ने जेट लैग के मामले पर नए सिरे से ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है। यह घरेलू चीजों और उत्पादों का सुपरमार्केट है, जो लोगों की पीड़ा को कम करता है। इसके लिए मेलाटोनिन की गोलियां, बेचैनी की दवा, प्रकाश उत्सर्जित करने वाले चश्मे हैं, जो बॉडी क्लॉक को ट्रैक पर वापस लाते हैं। बताते चलें कि जेट लैग आमतौर पर तब होता है, जब कोई यात्री तीन टाइम जोन को पार करता है।

इससे उसकी (बॉडी क्लॉक) शारीरिक घड़ी और जिस जगह वह पहुंचता है, वहां की परिस्थिति में अंतर मिलता है। इससे व्यक्ति को थकान का एहसास होता है और रात में नींद नहीं आने की समस्या होती है। पूर्व की दिशा में यात्रा करने पर यह स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि उस दिशा में यात्रा करने पर सामान्य दिन और रात का चक्र उल्टा हो जाता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai