लाहौर। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के एक स्कूल में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रिंसिपल के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद रविवार को सिंध प्रांत के कई इलाकों में दंगे भड़क गए। घोटकी जिले में सिंध पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद इलाके में दंगे भड़क गए। यहां पढ़ने वाले एक छात्र के पिता अब्दुल अजीज राजपूत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रिंसिपल ने ईशनिंदा की है। प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल नोतन मल की गिरफ्तारी की मांग की।

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को स्कूल में तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। इसके साथ ही आयोग ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जाहिर की है। मानवाधिकार संगठन ने एक ट्वीट में कहा- घोटकी में ईशनिंदा के आरोप और भीड़ की हिंसा करने की खबरें चिंताजनक हैं। समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों का लाठी-डंडे लिए गए वीडियो सोशल मीडिया में शेयर हो रहे हैं। इसमें देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी हिंदू मंदिरों और उस स्कूल में तोड़-फोड़ कर रहे हैं, जहां ईशनिंदा की यह घटना हुई है।

घोटकी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फारुख लंजार ने कहा कि पुलिस क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर काबू कर रही है। एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जमील अहमद ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को सुरक्षा के लिए हिरासत में ले लिया है। उन्होंने एक ट्वीट किया कि आरोपी प्रिंसिपल अब पुलिस की हिरासत में है।

उन्होंने कहा कि हम इस गंभीर स्थिति से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। समाज के शिक्षित और खुले विचारों के लोगों को पूरा सहयोग देना चाहिए, ताकि हम स्थिति को जल्दी से जल्दी सामान्य कर सकें और शांति स्थापित कर सकें।

पाकिस्तान हिंदू परिषद के प्रमुख और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता रमेश कुमार वांकवानी ने कहा कि प्रिंसिपल को सुरक्षा कारणों से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और उन्हें मामले की विस्तृत जांच के लिए हैदराबाद के उप महानिरीक्षक नईम शेख के हवाले किया जाएगा।