आम जनता के लिए यह चेतावनी भरी सूचना है। आधा अक्‍टूबर बीत चुका है। बहुत जल्‍द सर्दी का समय शुरू होने वाला है। ऐसे में यह खबर बहुत परेशानी पैदा कर सकती है कि ठंड के दिनों में कोरोनावायरस का खतरा घटने की बजाय और बढ़ेगा। वैज्ञानिकों के इस नए खुलासे के बाद कोरोना को लेकर अब और सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।विज्ञानियों ने सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण बढ़ने का अंदेशा जताया है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में कोरोना वायरस फैलने का एक बड़ा कारण संक्रमित छोटे आकार के एरोसॉल कणों (हवा में मौजूद ठोस या वाष्प कण) के संपर्क में आना है। जबकि सर्दी में संक्रमण फैलने का मुख्य कारण सांस छोड़ने, खांसने या छींकने के दौरान मुंह और नाक से निकली बूंदों के सीधे संपर्क में आना हो सकता है।

नैनो लेटर्स पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना संक्रमण से बचने के लिए इस समय शारीरिक दूरी के जिन दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है, वे अपर्याप्त हैं। अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता यानयिंग झू ने कहा, "छह फीट की शारीरिक दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, लेकिन हमने ज्यादातर स्थितियों में सांस से निकले तरल कणों को छह फीट से अधिक दूर जाते पाया है।" विशेषज्ञों ने बताया कि घरों के भीतर कम तापमान के चलते वायरस अधिक समय तक संक्रामक रहता है। जबकि यह वायरस वातावरण में कुछ मिनटों से लेकर एक दिन से ज्यादा समय तक संक्रामक रह सकता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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