मॉस्को। रूसी सेना ने मंगलवार को नेवी टेस्टिंग रेंज के पास स्थित गांव के निवासियों को वहां से निकालने का आदेश दिया था। मगर, कुछ घंटों के बाद इस आदेश को रद्द कर दिया गया। दरअसल, बीते गुरुवार को एक मिसाइल विस्फोट के बाद से वहां अनिश्चितता और भ्रम का माहौल है। बताया जा रहा है कि मिसाइल विस्फोट के बाद से इलाके में रेडिएशन बढ़ गया था, जिससे टेस्टिंग रेज के आस-पास रहने वाले निवासी भयभीत थे।

इस धमाके के बाद सेना के हथियार कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रूसी परमाणु एजेंसी के चीफ ने सोमवार को कहा था कि हादसे में मारे गए वैज्ञानिक नए हथियार के विकास पर काम कर रहे थे। हादसे के बाद भी इस कार्यक्रम को जब तक पूरा नहीं कर लिया जाता, रोका नहीं जाएगा और यही उन वैज्ञानिकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सेना की तरफ से दी गई प्रारंभिक सूचना में न्योनोक्सा के निवासियों से कहा गया था कि रेंज में अविशिष्ट गतिविधियों को देखते हुए वे अस्थायी रूप से गांव से बाहर चले जाएं। बताते चलें कि इस गांव में करीब 500 लोग रहते हैं। सेवरोडविंक्स क्षेत्रीय प्रशासन की प्रवक्ता सेनिआ यूदिना ने कहा कि कुछ घंटों बाद सेना ने कहा कि नियोजित गतिविधियों को रद्द कर दिया गया था और निवासियों से जगह छोड़ने के लिए किए गए अनुरोध को भी खारिज कर दिया गया है।

स्थानीय मीडिया ने कहा कि न्योनोक्सा के निवासियों को नियमित रूप से इसी तरह के अस्थायी निकासी के आदेश मिले हैं, जो आमतौर पर रेंज में परीक्षणों के लिए तय किए जाते हैं। रक्षा मंत्रालय ने शुरू में कहा कि न्योनोक्सा के बगल में नौसेना की रेंज में एक रॉकेट इंजन का विस्फोट हो गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मगर, रोसाटॉम परमाणु निगम ने दो दिन बाद कहा कि विस्फोट में पांच परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि मृतकों की अंतिम संख्या कितनी है।

आपातकालीन अधिकारियों ने सभी श्रमिकों को घर के अंदर रहने और खिड़कियां बंद करने की चेतावनी जारी की थी। इसके बाद वहां के निवासी आयोडाइड खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचने लगे थे, ताकि रेडिएशन से होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सके।