मॉस्को। रूस में नए रॉकेट इंजन के परीक्षण के दौरान गुरुवार को हुए विस्फोट में मारे गए पांच परमाणु इंजीनियरों का अंतिम संस्कार सोमवार को सारोव में कर दिया गया। इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। इसके बाद रूस की परमाणु एजेंसी के प्रमुख ने सोमवार को पुष्टि की है कि पिछले हफ्ते मारे गए पांचों वैज्ञानिक नए तरीके के हथियार का विकास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धमाके के बावजूद जब तक इसे पूरा नहीं कर लिया जाता है, तब तक इसका परीक्षण जारी रहेगा।

बताते चलें कि गुरुवार को व्हाइट सी के तट के पास स्थित आर्कटिक मिलिट्री फैसिलिटी में परमाणु हादसा हो गया था। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने दो दिनों के बाद शनिवार को स्वीकार किया था कि हादसे की प्रकृति न्यूक्लियर थी। धमाके के बाद रेडिएशन के स्तर में बढ़ोत्तरी हो गई थी। बताया जा रहा है कि इलाके के आस-पास पहने वाले लोग रेडिएशन से बचने के लिए आयोडीन खरीद रहे हैं। अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए हथियार का संबंध "ब्यूरेवेस्टनिक" क्रूज मिसाइल से हो सकता है, जिसे इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टाल दिया था।

अलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि मारे गए वैज्ञानिकों की याद के लिए सबसे अच्छी चीज नए हथियारों पर किया गया हमारा काम होगा। हम मातृभूमि के कार्य को पूरा कर रहे हैं। इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस सप्ताह के अंत में रोसाटॉम ने कहा कि उसके कर्मचारी एक मिसाइल के 'आइसोटोप पावर स्रोत' के लिए इंजीनियरिंग और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे थे।

मिसाइल का परीक्षण समुद्र में एक प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा था, जब उसके ईंधन में आग लग गई और धमाका हो गया। रूसी सेना ने विस्फोट के बाद दो विशेषज्ञों की मृत्यु की घोषणा की थी, लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि वे उन पांच वैज्ञानिकों में से थे जिनकी मौत की घोषणा रोसाटॉम ने की थी। परमाणु एजेंसी के अनुसार, दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जो जल गए थे। सेना ने शुरू में यह नहीं बताया था कि दुर्घटना में परमाणु उपकरण शामिल थे। उन्होंने कहा था कि धमाके के बाद विकिरण का स्तर सामान्य था।

इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के खिलाफ गंभीर खतरे होने पर पश्चिमी देशों में "निर्णय लेने वाले केंद्रों" के खिलाफ हथियारों को तैनात करने की धमकी देते हुए "अजेय" मिसाइलों के विकास की घोषणा की थी। पुतिन ने फरवरी में कहा था कि ब्यूरेस्टनिक पर परीक्षण सफल रहे थे। हादसा सोवियत काल से परमाणु पनडुब्बियों और जहाजों में तैनात मिसाइलों के परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाइट सी पर न्योनोक्सा परीक्षण स्थल पर हुआ था।

अमेरिका ने सीखा सबक

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस में मिसाइल परीक्षण के दौरान हुए विस्फोट से अमेरिका सबक ले रहा है। ट्रंप ने ट्वीट किया कि रूस में विफल हुए मिसाइल परीक्षण से अमेरिका सीख ले रहा है। हमारे पास वैसी ही उससे अधिक उन्नत तकनीक है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि रूस के ‘स्काईफॉल’ विस्फोट से केंद्र के आस-पास की हवा को लेकर भी लोग चिंतित हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai