मॉस्को। एक महिला ने सोशल मीडिया में दावा किया कि उसने बिना ट्रेनिंग के यात्री प्लेन को उड़ाया है। महिला ने लिखा है कि पायलट ने उसे विमान के कंट्रोल सौंप दिए थे। इस मामले की जानकारी वायरल होते ही रूसी जांचकर्ताओं ने पायलट के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। साइबेरियाई क्षेत्र के याकुटिया में जांचकर्ताओं ने कहा कि 33 वर्षीय महिला ने क्षेत्रीय IrAero कंपनी द्वारा निर्धारित उड़ान के दौरान विमान को उड़ाने की बात कही है, जिसमें अन्य यात्री सवार थे।

जांचकर्ताओं ने एक बयान में कहा कि चालक दल के सदस्यों में से एक ने अवैध रूप से कॉकपिट में एक ऐसी युवती को जाने दिया, जिसके पास विमान उड़ाने का कोई परमिट या प्रमाण पत्र नहीं था। इसके साथ ही उसे एंटोनोव An-24 विमान का नियंत्रण दिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि 52 यात्रियों और चालक दल को ले जाने में सक्षम उस विमान में यात्री सवार थे। बयान में कहा गया है कि जांच यात्रियों के जीवन को खतरे में डालने वाली सेवाओं के प्रावधान पर केंद्रित होगी। रूसी मीडिया ने पहले @madam_dupon नाम के यूजर द्वारा प्रकाशित इंस्टाग्राम पर पोस्ट उठाए थे।

एक वीडियो में दिख रहा है कि गुलाबी शर्ट पहने एक युवती प्लेन के मिड-फ्लाइट के नियंत्रण को संभाल रही है, जबकि एक शख्स उसे निर्देश दे रहा था। रूसी वेबसाइटों के अनुसार, वीडियो कैप्शन में लिखा था- यह बहुत अच्छा था। धन्यवाद। इंस्टाग्राम अकाउंट गुरुवार को निजी मोड में डाल दिया गया था। IrAero के पास सर्बिया, मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और ब्लैक सी में 25 विमान उड़ान मार्ग हैं।

जांचकर्ताओं ने कहा कि वीडियो में विमान याकुतिया के मुख्य शहर याकुतस्क और उत्तरी याकुटिया में सुदूर सकरीयर हवाईअड्डे के बीच उड़ रहा था। रूस में दशकों से निराशाजनक विमानन सुरक्षा रिकॉर्ड रहा है और अभी भी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिसमें कई यात्रियों की मौत होती है। बताते चलें कि साल 1994 में मॉस्को से हांगकांग जाने वाला एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार 75 लोगों की मौत हो गई थी। उस दौरान एयरोफ्लोट विमान के पायलट ने अपने बच्चों को कॉकपिट में आमंत्रित किया था और अपने बेटे को अपनी सीट दे दी।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai