जेनेवा। पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले में एक बार फिर सऊदी अरब पर सवाल उठे हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब की सरकारी जांच इस बात का पता लगाने में विफल है कि आखिर किसने हत्या का आदेश दिया था। जांच में मुख्य संदिग्धों को भी नजरअंदाज किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की जांचकर्ता एग्नेस कैलामार्ड ने कहा कि सऊदी के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान, उनके एक प्रमुख सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जांच की जानी चाहिए।

इस्तांबुल में सऊदी के वाणिज्य दूतावास में खशोगी की हत्या पूर्वनियोजित थी। इस मामले में इन सभी के खिलाफ सुबूत मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ता ने भी मामले की जांच की है। सऊदी अधिकारियों ने CIA और कुछ पश्चिमी देशों में इस संदेह को मानने से इन्कार किया है कि अक्टूबर में हुई हत्या का आदेश क्राउन प्रिंस ने दिया था।

कैलामार्ड ने कहा कि यह जांच मानवाधिकार जांच थी न कि आपराधिक। इसमें विश्वसनीय सुबूत पाए गए जिससे आगे की जांच की जरूरत पैदा होती है। सऊदी अधिकारियों द्वारा की गई जांच अपराध की कड़ियों का पता लगाने में विफल है। इसी महीने सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध जांच की सिफारिश की है। जेनेवा में सऊदी के राजदूत अब्दुलअजीज अल्वासिल ने कहा कि कैलामार्ड की रिपोर्ट पूर्वाग्रह पर आधारित है।

Posted By: Arvind Dubey