रियाद। सऊदी अरब ने महिलाओं को अकेले विदेश जाने की छूट दे दी है।महिलाएं अब पुरुष रिश्तेदार के बगैर विदेश में काम भी कर सकेंगी। महिलाओं के अकेले विदेश जाने पर लगे प्रतिबंध के कारण सऊदी सरकार को अक्सर आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा था।

कई मानवाधिकार संगठनों ने इस तरह की बंदिशों को महिलाओं के अधिकारों का दमन करार दिया था और आलोचना की थी। सऊदी सरकार ने शुक्रवार को नए नियमों की घोषणा की है। इनके तहत वयस्क महिलाओं को पुरुषों की इजाजत के बिना पासपोर्ट पाने, विदेश जाने और काम करने की अनुमति होगी।

पहले महिलाओं को पासपोर्ट पाने के लिए आमतौर पर पिता या पति की अनुमति जरूरी थी। कई बार तो उन्हें पासपोर्ट पाने, विदेश जाने, नौकरी करने या चिकित्सा संबंधी यात्रा करने के लिए अपने बेटे या किसी दूसरे पुरुष रिश्तेदारों की भी इजाजत लेनी पड़ती थी।

इस तरह की तमाम प्रतिबंधों समेत पुरुषों की प्रताड़ना और भेदभावपूर्ण कानून व्यवस्था से तंग होकर हाल के वर्षों में कई सऊदी महिलाएं विदेश भाग गईं। उनका कहना था कि सऊदी की कानून व्यवस्था उनकी सुरक्षा नहीं करती है। जनवरी में रहाफ मुहम्मद अलकुनान नामक 18 साल की युवती सऊदी अरब से भागकर थाइलैंड पहुंच गई थी। सोशल मीडिया के जरिये उसने खुद पर ढाए अपने परिवार के जुल्मों को बयां किया था।

देश की छवि सुधारने में जुटे हैं क्राउन प्रिंस सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे बंदिशों वाले स्थान के तौर पर बनी अपने मुल्क की छवि को सुधारने की मुहिम छेड़ रखी है। इसी कवायद में यह कदम उठाया गया है। वह 2015 से ही सामाजिक सुधार की मुहिम में जुटे हैं। महिलाओं पर बंदिशें लगाने वाले नियमों केसंबंध में पिछले साल क्राउन प्रिंस ने कहा था कि वह इन्हें समाप्त करना पसंद करेंगे।


Posted By: Yogendra Sharma