SCO Summit 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर एक बैठक की। इस बैठक में द्विपक्षीय कारोबार और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इससे पहले समरकंद में पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी ने फूड सिक्योरिटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सामने जो सबसे बड़ी समस्याएं हैं, खासकर विकासशील देशों के लिए फूड सिक्योरिटी, फ्यूल सिक्योरिटी, उर्वरकों की जो समस्याएं हैं, उसपर हमें रास्ते निकालने होंगे। आपको भी उसपर पहल करनी होगी। पीएम मोदी ने पुतिन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आपका और यूक्रेन का आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि संकट के काल में शुरू में जब हमारे हज़ारों छात्र यूक्रेन में फंसे थे, आपकी और यूक्रेन की मदद से हमारे छात्रों को हम निकाल पाए।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की पहचान करने और आपसी संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। आपको बता दें कि SCO की बैठक पर दुनियाभर के देशों की नजरें हैं। खास तौर पर भारत, चीन और रुस के गठबंधन को अमेरिका हमेशा से अपने वर्चस्व के लिए खतरे का संकेत मानता है। ऐसे में इस समिट को काफी अहम माना जा रहा है।

SCO शिखर सम्मेलन: Highlights

  • पीएम मोदी ने SCO समिट में कहा कि COVID और यूक्रेन संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कई व्यवधान उत्पन्न हुए। हम भारत को एक विनिर्माण केंद्र में बदलना चाहते हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ समिट में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा संकट से निपटने के लिए लचीली आपूर्ति शृंखला की आवश्यकता पर बल दिया।
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में आई बाढ़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी इस तरह की तबाही नहीं देखी। पाकिस्तान में ये विनाशकारी बाढ़ सबसे निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन से प्रेरित है।
  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने कहा कि दुनिया में फिलहाल शांति नहीं है। ऐसे में एससीओ (SCO) को अपने सदस्य देशों के सहयोग और विकास के लिए एक लाभकारी वातावरण बनाना जारी रखना चाहिए।
  • भारत को बधाई देते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अगले साल शिखर सम्मेलन के आयोजन में नई दिल्ली का समर्थन करेगा।

Posted By: Shailendra Kumar

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