First Disabled Astronaut: वह दिन दूर नहीं जब दिव्‍यांग समाज में हर काम उसी प्रकार से कर सकेंगे, जैसे सामान्‍य लोग करते हैं। जमीन तो ठीक, अब आसमान ही नहीं, अंतरिक्ष में भी इनका जज्‍बा देखने को मिलेगा। जल्‍द ही दुनिया ऐसे पहले अंतरिक्ष यात्री को देखेगी जो कि दिव्‍यांग होंगे। इनका चयन हो चुका है और जल्‍द ही इनको अब अंतरिक्ष में भेजे जाने की तैयारी है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी जल्द ही एक दिव्यांग को अंतरिक्ष में भेजेगी। दिव्यांग अंतरिक्ष यात्री के तौर पर 22 यूरोपीय देशों की स्पेस एजेंसी ने बुधवार को ब्रिटेन के पूर्व पैरालिपिक धावक जान मैकफाल का नाम तय किया है।

एक्‍सीडेंट के बावजूद जीता पदक

मैकफाल का 19 साल की उम्र में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में दाहिना पैर टूट गया था। उन्होंने 2008 में बीजिग पैरालम्पिक खेलों में 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। 2008 में बीजिग पैरालिम्पिक खेलों में 100 मीटर का कांस्य पदक। 31 वर्षीय मैकफाल पेशे से डाक्टर हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को मैं यही संदेश दूंगा कि विज्ञान सभी के लिए है।

17 लोगों का हुआ है चयन

अंतरिक्ष यात्रियों की नई पीढ़ी के तौर पर 17 रंगरूटों का चयन किया गया है जिनमें मैकफाल का नाम भी शामिल है। मैकफाल का ""पैरास्ट्रोनाट"" का नाम दिया गया है। एजेंसी (ईएसए) में नए अंतरिक्ष यात्रियों की करीब एक दशक बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। एक साल से जारी इस प्रक्रिया में करीब 22 हजार लोगों ने आवेदन किया था जिसमें करीब 200 दिव्यांग शामिल थे। इनमें महिलाओं की भी अच्छी-खासी संख्या थी।

कभी सोचा नहीं था कि मेरा नाम आएगा

ईएसए की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक साक्षात्कार मैकफाल ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का अनुभव काफी गहमागहमी वाला रहा। यह देखते हुए कि मैं एक दिव्यांग हूं मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक अंतरिक्ष यात्री के तौर पर मेरा चयन हो सकता है। एजेंसी ने कहा कि भविष्य के मिशनों में भाग लेने के लिए पांच और अंतरिक्ष यात्रियों को चुना गया है। शेष 11 को फिलहाल रिजर्व में रखा गया है।

Posted By: Navodit Saktawat

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