नई दिल्ली। सर्बिया की राजधानी बेलग्राद में एशियन पार्लियामेंट्री असेंबली (एपीए) की बैठक में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर राग अलापने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर रविवार को पड़ोसी देश पर जमकर बरसे। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के हालात का हवाला देते हुए ग्रुप की बैठक की मेजबानी करने में असमर्थता व्यक्त की। थरूर ने इसे भारत के आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पाकिस्तान इस फोरम का बेवजह राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहा है।

बेलग्राद में 13 से 17 अक्टूबर तक इंटर- पालियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) की सालाना बैठक हो रही है। इसके इतर एपीए की बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के चेयरमैन ने एक पत्र के जरिए इस फोरम को बताया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात के कारण दिसंबर 2019 में निर्धारित बैठक का आयोजन नहीं कर पाएगा। थरूर ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के इस पत्र की कड़ी निंदा की।

थरूर ने पाकिस्तानी सीनेट की यह कहते हुए आलोचना की कि वह भारत के आंतरिक मसले का हवाला देकर एपीए की बैठक का अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण कर रहा है। पूर्व विदेश राज्यमंत्री थरूर ने कहा- 'जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न अंग है। जम्मू-कश्मीर में इस प्रकार के हालात नहीं हैं, जिनसे इस्लामाबाद तो छोड़ दें, उनके देश में (पाकिस्तान में) कहीं पर भी आम जनजीवन या कामकाज की स्थिति पर कोई फर्क पड़े।'

तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा- 'भारत के आंतरिक मामलों का असर सीमाओं पर नहीं होता है और न ही हम अपने पड़ोसियों को छेड़ते हैं। इन हालात में वह (पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन) उम्मीद करते हैं कि यह प्रतिष्ठित सभा दिसंबर 2019 में अपनी बैठक आयोजित करने की पाकिस्तान की अक्षमता अथवा अनिच्छा के पीछे उसकी ऐसी बहानेबाजी को स्वीकार कर ले। यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र है।'

उल्लेखनीय है कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान ने कश्मीर मसले को कई बहुपक्षीय बैठकों में उठाने की कोशिश की है लेकिन भारत ने उसकी हर कोशिश को नाकामयाब किया है।

भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने पिछले माह भी श्रीलंका में आयोजित यूनीसेफ के एक कार्यक्रम में कश्मीर मुद्दा उठाने की पाकिस्तानी कोशिश को विफल कर दिया था। इसी प्रकार भारत ने मालदीव में दक्षिण एशियाई स्पीकर्स सम्मेलन में भी पाकिस्तान की कोशिशों को विफल करते हुए नसीहत दी थी कि इस्लामाबाद आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे, जो मानवता के लिए सबसे 'बड़ा खतरा' है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलइंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) की 141वीं बैठक में हिस्सा लेने सर्बिया की राजधानी बेलग्राद में है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सभी पार्टियों के सांसद शामिल हैं, जिनमें शशि थरूर, कनिमोझी करुणानिधि, वानसुक स्याम, राम कुमार वर्मा और सस्मित पात्रा का शुमार है।

Posted By: Arvind Dubey