विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि धूम्रपान गंभीर बीमारी के एक उच्च जोखिम से जुड़ा हुआ है और इससे अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के मरीजों की मृत्यु होती है। हालांकि, WHO यह बताने में असमर्थ था कि धूम्रपान से वे जोखिम कितने अधिक हो सकते हैं। इस सप्ताह प्रकाशित एक वैज्ञानिक संक्षिप्त में स्वास्थ्य एजेंसी ने धूम्रपान और Covid-19 के बीच संबंध पर प्रकाशित 34 अध्ययनों की समीक्षा की, जिसमें संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने, बीमारी और मृत्यु की संभावना शामिल है।

डब्ल्यूएचओ ने उल्लेख किया कि अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस रोगियों में से धूम्रपान करने वालों की संख्या 18 फीसदी है। मरीजों के धूम्रपान करने और न करने से उनकी बीमारी की गंभीरता के बीच गहरा संबंध था। अस्पताल में उन्हें किस तरह का इलाज की जरूरत थी और मरीज के मरने का जोखिम शामिल है।

अप्रैल में फ्रांसीसी शोधकर्ताओं ने एक छोटा अध्ययन जारी किया, जिसमें धूम्रपान करने वालों को Covid-19 से संक्रमित होने का जोखिम कम बताया गया था। उनका मानना था कि निकोटिन की वजह से कोरोना संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। लिहाजा, इसके बाद वे रोगियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर निकोटीन पैच का परीक्षण करने की योजना बना रहे थे।

मगर, उनके निष्कर्षों पर उस समय निश्चित डेटा की कमी का हवाला देते हुए कई वैज्ञानिकों ने सवाल उठाया था।डब्ल्यूएचओ का कहना है कि "उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि धूम्रपान अस्पताल में भर्ती होने वाले Covid-19 रोगियों में बीमारी और मृत्यु की बढ़ती गंभीरता से जुड़ा है। यह अनुशंसा करता है कि लोग धूम्रपान करना छोड़ दें।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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