Solar Storm: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की सोलर डायनेमिक ऑब्जर्वेटरी ने हाल ही में सूर्य के बाहरी वातावरण में एक विशाल 'कोरोनल होल' की खोज की है। खगोलशास्त्रियों की भाषा में इसे कोरोना के नाम से जाना जाता है। सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध में कोरोना में छेद आवेशित कणों का उत्सर्जन करता है। यहां तापमान लगभग 1.1 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक है और इसके कारण धरती पर विशाल सौर तूफान (Solar Storm) आ सकता है। वैज्ञानिक लगातार सूर्य की बाहरी सतह पर नजर रखे हुए हैं और धरती पर होने वाले खतरा का आंकलन भी कर रहे हैं। यहां पढि़ए विस्तार से और जानिए धरती को कैसे खतरा हो सकता है।

धरती पर आ सकता है बड़ा सौर तूफान

शोधकर्ताओं ने कहा है कि एक बड़ा सौर तूफान आ सकता है जो सूर्य के वायुमंडल में गड़बड़ी के परिणामस्वरूप पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सूर्य की सतह पर खोजा गया छेद, आवेशित कणों की निरंतर बमबारी का उत्सर्जन करता है। आवेशित कणों के कारण पृथ्वी के भू-चुंबकीय क्षेत्र में हल्की गति हो सकती है। इसका अर्थ है कि पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों में औरोरा प्रभाव उत्पन्न कर सकती है। इसके परिणामस्वरूप उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के आकाश में औरोरा देखे जाने की बड़ी आशंका है।

Solar Storm: सौर तूफान का इन्सानों पर ऐसे पड़ेगा असर

वैज्ञानिकों ने बताया है कि सौर तूफान का सीधा असर इन्सानों पर होगा। सौर तूफान पृथ्वी के बाहरी वातावरण को गर्म कर सकते हैं। इसका उपग्रहों, जीपीएस मैपिंग, मोबाइल फोन और उपग्रह टेलीविजन संकेतों पर प्रभाव पड़ सकता है। बिजली की लाइनें बहुत अधिक करंट ले जा सकती हैं, जिससे सर्किट में विस्फोट हो सकता है। हालांकि, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इसके विरुद्ध सुरक्षा के रूप में कार्य करता है। बता दें, हाल के दिनों में सूर्य पर गतिविधियां बढ़ गई हैं। वैज्ञानिक लगातार नजर रखे हुए हैं।

Posted By: Arvind Dubey