कोलंबो। श्रीलंका में 21 अप्रैल को ईस्टर संडे के दिन हुए बम धमाकों के पीछे इस्लामिक चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात का हाथ था। इस संगठन से जुड़े 41 आतंकी संदिग्धों के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता रुवान गुनसेकरा ने कहा कि संदिग्ध को टेरेरिस्ट इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (TID) और क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (CID) की हिरासत में रखा गया है।

एक महिला सहित नौ आत्मघाती हमलावरों ने श्रृंखलाबद्ध तरीकों से आत्मघाती धमाकों को अंजाम दिया। तीन चर्चों और तीन लक्जरी होटलों में हुए इन धमाकों में करीब 258 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 500 अन्य घायल हो गए थे। गुनसेकरा ने बताया कि गिरफ्तारी के समय संदिग्धों के कब्जे से जब्त किए गए 79,333 डॉलर के अलावा खातों में सीज की गई कुल राशि 7,59,335 डॉलर के अतिरिक्त थी।

इस बीच सीआईडी ​​ने संदिग्धों से जुड़ी 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति की भी जांच शुरू की है। आईएसआईएस आतंकवादी समूह ने हमलों की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन सरकार ने बम विस्फोटों के लिए स्थानीय आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात को दोषी ठहराया था।

इस बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए घातक विस्फोटों के मद्देनजर लगाए गए आपातकाल को महीने के लिए बढ़ा दिया है। इमरजेंसी लॉ से पुलिस और सेना को व्यापक शक्तियां मिलती हैं, जिससे अदालत के आदेशों के बिना संदिग्धों को गिरफ्तार करने, हिरासत में लेने और पूछताछ करने की इजाजत मिल जाती है। श्रीलंका ने शुरू में हमलावरों पर नकेल कसने के लिए 23 अप्रैल को पहली बार आपातकाल लगाया था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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