नई दिल्ली। आज की पीढ़ी हर सवाल के जबाव के लिए गूगल बाबा की शरण में जाती है। इस तथ्य से कोई भी इनकार नहीं कर सकता है। मगर, स्वास्थ्य के मामलों में भी गूगल पर भरोसा करना आपकी सेहत के लिए नुकसान का सौदा हो सकता है। Google के हेल्थ वाइस प्रेसिडेंट डेविड फिनबर्ग ने साल 2019 में एक रिपोर्ट में बताया कि सर्च इंजन पर हर मिनट में करबी 70,000 सवाल स्वास्थ्य-संबंधी खोजे जाते हैं। अगर पूरे दिन की बात करें, तो इन सवालों की संख्या लगभग 1 अरब होती है।

उन्होंने कहा कि गूगल पर सवालों के जवाब पर यकीन करने से पहले आपको यह सोचना चाहिए कि क्या आप जिस जानकारी तक पहुंच रहे हैं क्या वह विश्वसनीय है। आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर हम आपको बता रहे हैं कि बीमारियों के लक्षणों और इलाज के लिए इंटरनेट पर क्यों ज्यादा भरोसा नहीं करें...

आज इंटरनेट, चिकित्सा क्षेत्र सहित प्रत्येक वस्तु के बारे में जानकारी प्रदान करने का एक संभावित माध्यम बन गया है। यदि आप को किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो पहली बात यह है कि आप शायद उन्हें गूगल करेंगे। उसके नतीजे देखकर कई बार लोग बीमारी को लेकर घबरा सकते हैं क्योंकि इसमें एक तरफा जानकारी होती है और कई बार वह विश्वसनीय नहीं होती है। वहीं, डॉक्टर से मिलने पर आपको विस्तृत जानकारी और सही सलाह मिलती है।

इंटरनेट को आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो सबसे पहले डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछता है और रिपोर्ट की जांच करता है। वह पता करता है कि क्या मरीज का पहले से कोई इलाज चल रहा था या वर्तमान में वह कोई इलाज कर रहा है। डॉक्टर आपसे आपके पारिवारिक इतिहास के बारे में भी पूछेंगे। लेकिन, गूगल में किसी लक्षण के बारे में सर्च करने पर यह नहीं हो पाएगा। यह केवल आपका डॉक्टर है जो आपके लिए उपचार की एक उचित रेखा का सुझाव दे सकेगा।

दूसरी वजह है कि एक विशेषज्ञ की सलाह को इंटरनेट से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। डॉक्टरों कई वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे होते हैं और उन्होंने इसके प्रशिक्षण में भी लंबा समय बिताया होता है। लिहाजा, विशेषज्ञ की राय पर भरोसा करना बुद्धिमानी है न कि इंटरनेट पर। वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध हैं, ताकि आप घर से बाहर निकले बिना ही डॉक्टरों की सहाल से अपने संदेहों को दूर कर सकें।

तीसरा कारण है कि डॉक्टर लक्षणों के आधार पर बीमारी का इलाज करता है। इंटरनेट पर आप खुद ही हर लक्षण की जांच न करें क्योंकि हर व्यक्ति में लक्षण दूसरे व्यक्ति से भिन्न हो सकते हैं। इस प्रकार, यदि आप अपने लक्षणों को गूगल करते हैं, तो आप भ्रमित हो सकते हैं। गूगल के पास कोई दिमाग नहीं है और सिर्फ डॉक्टर ही आपके लक्षणों को आपकी मेडिकल हिस्ट्री की जांच करने के बाद बेहतर तरीके से समझ सकता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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