काबुल Afghanistan crisis । अफगानिस्तान पर जबरन कब्जा करने के बाद तालिबान ने सरकार के गठन का भी ऐलान कर दिया है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि तालिबान की नई सरकार 11 सितंबर को शपथ ग्रहण कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तालिबान सरकार का शपथ ग्रहण 9/11 हमले की 20वीं बरसी पर कर सकता है। ऐसी भी खबर है कि तालिबान की अंतरिम सरकार के गठन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए चीन, तुर्की, पाकिस्तान, ईरान, कतर देशों को न्योता भेजा गया है। साथ ही भारत और अमेरिका को भी निमंत्रण भेजे जाने की चर्चा है।

मंत्रियों के नाम घोषित कर चुका है तालिबान

गौरतलब है इस सप्ताह ही तालिबान अफगानिस्तान में गठित होने वाली अंतरिम सरकार के लिए मंत्रियों के नामों का ऐलान कर चुका है। फिलहाल अफगानिस्तान में यह सरकार कार्यवाहक व्यवस्था के तौर पर बनाई जा रही है और तालिबान अब इस सरकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की मांग कर रहा है। साथ ही कई देशों को अफगानिस्तान में दूतावास खोलने के लिए भी अनुरोध किया है।

तालिबान के मंत्रियों में खतरनाक आतंकी

- अफगानिस्तान में तालिबान ने 33 मंत्रियों की कैबिनेट बनाई है।

- तालिबान कैबिनेट में 8 मंत्री ऐसे हैं जो पाकिस्तानी मदरसे जामिया हककानिया सेमिनरी के छात्र रहे हैं।

- हक्कानी नेटवर्क के मुखिया और गृह मंत्री बनाए गए सिराजुद्दीन हक्कानी और उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर पाकिस्तानी मदरसे के छात्र रहे है।

- तालिबान के नियुक्त किए गए गृहमंत्री हक्कानी पर तो अमेरिका ने पचास लाख डॉलर का इनाम भी घोषित किया है।

9/11 को ही 20 साल पहले हुआ था सबसे बड़ा आतंकी हमला

गौरतलब है कि 20 साल पहले साल 2001 में अलकायदा के आतंकवादियों ने अमेरिका पर इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला किया था। आतंकियों ने विमानों को हाईजैक करके वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर और पेंटागन मुख्यालय से टकरा दिया था। इन हमलों में करीब 3000 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद ही अमेरिका ने बदला लेने के लिए अपने सैनिकों के साथ अफगानिस्तान में कदम रखा था।

Posted By: Sandeep Chourey