टेक्सास। इस महीने वॉलमार्ट में गोलीबारी की घटना में 22 निर्दोष लोगों की मौत के बाद लोग खौफ में हैं। लिहाजा, लोग अपनी सुरक्षा के लिए परेशान हैं। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर बंदूक लेकर चलने के लिए लाइसेंस लेने के लिए टेक्सास के अल पासो में एक वीकेंड क्लास में कई लोग पहुंचे।

गुआडालुपे सेगोविया (35) भी अपने दो बच्चों के साथ इस क्लास में पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति सेना में हैं और लंबे समय से उन्हें कपड़ों के नीचे या पर्स में छुपाकर ले जाई जा सकने वाली बंदूक का लाइसेंस हासिल करने के लिए कहते रहे थे।

सेगोविया ने कहा कि अब उनके घर के पास हुए हमले के बाद उन्हें बंदूक चलाने के लिए प्रशिक्षण करने की जरूरत महसूस हो रही है। कक्षाओं में अधिकांश लोग हिस्पैनिक थे। एल पासो मुख्यतः लातीनी शहर है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बंदूकधारी ने वालमार्ट में जानबूझकर हिस्पैनिक्स लोगों पर हमला किया था।

एल पासो की सबसे बड़ी बंदूक की दुकानों में से एक गन सेंट्रल के महाप्रबंधक माइकल मैकइंटायर ने इस क्लास को आयोजित किया था। उन्होंने बताया कि उनके स्टोर में हमले के बाद सप्ताह में बंदूकों की बिक्री सामान्य संख्या दोगुनी हो गई। टेक्सास में पिछली बार बड़े पैमाने पर हुई गोलीबारी के बाद भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था।

ज्यादातर बिक्री हैंडगन की हुई थी, जिसे कपड़ों के नीचे टखने या कंधे में बांधा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को बंदूक चलाने के बारे में सीखने वाले करीब 50 लोग क्लास में आए थे। सामान्यतौर पर इनकी संख्या सात होती है। यहां दो लोग वास्तव में बंदूक खरीदने आए थे, जो वॉलमार्ट शूटिंग वाले दिन वहां वास्तव में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अन्य लोग कह रहे थे कि इस तरह की किसी घटना के समय में मैं खुद को सुरक्षित रखने के काबिल बनना चाहता हूं।

हालांकि, माइकल मानते हैं कि ज्यादातर लोग एल पासो जैसे हमले में जवाबी कार्रवाई नहीं कर पाएंगे, फिर चाहें उनके पास हथियार हो या नहीं हो। कक्षा में कई लोग भी इस बात को स्वीकार करते हैं। लिहाजा, छात्रों को बंदूक चलाने से पहले दौड़ना सिखाया जाता है, ताकि ऐसी स्थिति होने पर वे मौके से भाग सकें। उन्होंने कहा कि केवल एक फीसदी लोग ही जवाबी गोलीबारी करेंगे।

माइकल ने कहा कि सौ में से सिर्फ एक ही गोली चालएगा, बाकी के 99 लोग मौके से भाग जाएंगे।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

fantasy cricket
fantasy cricket