ब्रसेल्स। हत्यारोपी इतालवी नौसैनिकों मैसिमिलियानो लातेर और सल्वातोर गिरोन की अर्जी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर यूरोपीय संघ (ईयू) ने निराशा जताई है। ईयू ने कहा है कि दोनों के खिलाफ करीब तीन साल से मामला लंबित है और पारस्परिक सहमति से मामले का समाधान अब तक संभव नहीं हो पाया है।

विदेश मामलों की प्रतिनिधि फेडरिका मॉगेरिनी ने एक बयान में कहा है कि यह मामला भारत-ईयू के बीच संबंधों को प्रभावित करने और पायरेसी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर असर डालने की क्षमता रखता है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शीर्ष अदालत ने खराब सेहत के आधार पर इटली में रुकने की अवधि बढ़ाने की लातेर की अर्जी खारिज कर दी थी।

वहीं, गिरोन ने क्रिसमस मनाने के लिए अपने घर जाने की इजाजत मांगी थी। अदालत ने इसे भी खारिज कर दिया था। इन दोनो पर 15 फरवरी 2012 को केरल तट के पास दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है। 12 सितंबर को शीर्ष अदालत ने इलाज के लिए लातेर को इटली जाने की इजाजत दी थी।

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