लंदन। खान-पान की गलत आदतों और जीवनशैली में हो रहे बदलावों की वजह से दुनियाभार में डायबिटीज के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। लिहाजा, उन्हें कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं, जो काफी पीड़ा दायक होते हैं। हालांकि, जल्द ही ऐसी दवा बाजार में आने वाली है, जिसे खाने के बाद इन दर्द भरे इंजेक्शन को लेने की जरूरत नहीं होगी।

वैज्ञानिक एक ऐस खास किस्म के कैप्सूल पर काम कर रहे हैं, जो पेट में छोटी आंत में पहुंचकर ही खुलते हैं और दवा को सीधे खून में मिला देते हैं, जिससे उसका असर होता है। जबकि सामान्य कैप्सूल पेट के अम्ल के प्रभाव में आकर बर्बाद हो जाते हैं। 1.18 इंच के ये कैप्सूल पेट के अंदर के जटिल माहौल से जूझ सकते हैं और पेट के अंदर इनके खुलने का तरीका भी अनोखा होता है।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने सुअरों पर इन कैप्सूल का प्रयोग किया गया है, जो सफल रहा है। चैरिटीज ने इन रिसर्च की तारीफ करते हुए कहा है कि यह लाखों लोगों के लिए राहत भरी होगी। वैज्ञानिकों ने बताया कि कैप्सूल की प्रोटेक्टिव लेयर तभी घुलती है, जब pH (पेट में अम्ल का स्तर) 5.5 से अधिक होता है और इसके बाद वह कैप्सूल त्रिकोण के आकार में खुल जाता है।

हर भुजा में एक मिमी की लंबी सुई होती है, जो आंत की दीवार से चिपक जाती है और दवा को सीधे खून में मिला देती है, जिसे खून में शुकर का स्तर कम हो जाता है, इसके बाद पूरी डिवाइस (कैप्सूल) पूरी तरह घुल जाता है। प्रोफेसर रॉबर्ट लैंगर ने कहा कि हम इस नई तरह की दवा के नतीजों से बहुत खुश हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai