काबुल last Jew from Afghanistan। अफगानिस्तान में ताबिलान द्वारा जबरन कब्जे के बाद बड़ी तेजी से लोगों का पलायन हो रहा है। विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय में खौफ ज्यादा है और तेजी से सिख व हिन्दू अफगानिस्तान से पलायन कर रहे हैं। इस सबसे बीच अफगानिस्तान से आखिरी यहूदी शख्स ने भी देश छोड़ दिया है। इस शख्स द्वारा देश छोड़ने के बाद अब अफगानिस्तान में एक भी यहूदी नहीं बचा है। अफगानिस्तान छोड़ने वाले आखिरी शख्स का नाम जेबुलोन सिमेंटोव है और वह एक इजराइली अमेरिकी व्यापारी था और अफगानिस्तान छोड़ते समय उन्हें स्पेशल सुरक्षा दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेबुलोन सिमेंटोव को फिलहाल किसी पड़ोसी देश में ले जाया गया है। Zebulon Simentov बीते कई सालों से अफगानिस्तान में अमेरिकी कंपनी चला रहे थे।

Zebulon Simentov ने अफगानिस्तान में देखे कई उतार-चढ़ाव

अफगानिस्तान छोड़ने वाले आखिरी यहूदी शख्स Zebulon Simentov ने देश में कई उतार-चढ़ाव देखें, लेकिन देश छोड़ने से हमेशा इनकार करते रहे। लेकिन अब विपरीत परिस्थितियों में अफगानिस्तान में काम करना उनके लिए संभव नहीं था और भारी मन से अफगानिस्तान छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने अफगानिस्तान में सोवियत यूनियन का दौर भी देखा तो 1996 में तालिबानी शासन को भी देखा था।

Zebulon Simentov की जान को था खतरा

सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि जेबुलोन सिमेंटोव का जान खतरे में है और इसलिए बीते 10 दिन से उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वे इस्लामिक स्टेट-खुरासान के आतंकियों के निशाने पर थे। सुरक्षा अधिकारियों के कहने पर वे देश छोड़ने के लिए सहमत हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक Zebulon Simentov ने सुरक्षा एजेंसी से अपने साथ अपने कुछ करीबी दोस्तों और पड़ोसियों को भी अफगानिस्तान से बाहर निकालने की गुजारिश की थी, जिसके बाद उनके साथ उनके 29 पड़ोसियों को भी देश से बाहर निकाला गया है।

1950 में हेरात में जन्मे थे Zebulon Simentov

जेबुलोन सिमेंटोव का जन्म 1950 में अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में हुआ था और 1980 के दशक में काबुल शिफ्ट हो गए थे। फिलहाल Zebulon Simentov का परिवार न्यूयॉर्क में है और अब वे जल्द ही अपने परिवार से मिल सकते हैं।

अफगानिस्तान में 2500 साल से रह रहे थे यहूदी

गौरतलब है कि अफगानिस्तान की धरती पर बीते 2500 साल से यहूदी समुदाय रहते आ रहा है लेकिन Zebulon Simentov के अफगानिस्तान छोड़ने के साथ ही इस देश से आखिरी यहूदी भी रवाना हो गया है और अफगानिस्तान में यहूदियों का नामोनिशान मिट गया है।

Posted By: Sandeep Chourey