आबू धाबी। दुबई में शनिवार को अबू धाबी में पहले मंदिर के शिलान्यास समारोह में हजारों हिंदुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मंदिर का निर्माण करने वाले धार्मिक और सामाजिक संगठन बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक नेता महंत स्वामी महाराज की उपस्थिति में चार घंटे का समारोह शुरू होगा।

बताते चलें कि यूएई की राजधानी में मंदिर बनाने की योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साल 2015 में की गई पहली यात्रा के दौरान अबू धाबी सरकार ने मंजूरी दी थी। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अबू मुरीखा में मंदिर की 'शिलान्यास विधी' (शिलान्यास समारोह) के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

मुख्य समारोह में पुजारी गुलाबी रंग के बलुआ पत्थर को पवित्र करेंगे, जिसका इस्तेमाल मंदिर की नींव स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इन सभी पत्थरों को भारत के राजस्थान से ले जाया गया है। समारोह में विदेश मंत्री और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और सहिष्णुता मंत्री शेख नाहन मुबारक अल नाहयान दुनिया भर के सामाजिक और आध्यात्मिक नेताओं के साथ मौजूद रहेंगे।

शेख नाहयान ने गुरुवार को अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वामी महाराज और हिंदू पुजारियों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। मंदिर के स्वयंसेवकों ने कहा कि वहां एक विशेष कार्यक्रम किया गया था, जहां भक्तों को समारोह के बारे में बताया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 'यजमान सेवा' के लिए उन लोगों को पास वितरित किए गए थे, जिन्होंने अनुष्ठान में भाग लेने और बीएपीएस मंदिर का समर्थन करने के लिए 680 डॉलर या 1,300 डॉलर का दान दिया था। 14 एकड़ भूमि में बनने वाले इस मंदिर में आर्ट गैलरी, हॉल, लाइब्रेरी और जिम के साथ एक सांस्कृतिक परिसर होगा। हालांकि, अभी यह नहीं बताया गया है कि इस मंदिर का निर्माण कार्य कब पूरा होगा।