वॉशिंगटन। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे शरणार्थियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। ट्रंप प्रशासन ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने के लिए देश के दस प्रमुख शहरों में रविवार से मुहिम छेड़ने की तैयारी में है। ट्रंप प्रशासन मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में दाखिल होने वाले शरणार्थियों पर पहले ही सख्त रुख अख्तियार कर चुका है।

अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (आईसीई) एजेंसी शरणार्थियों के ठिकानों पर छापे मारेगी। अभियान में पकड़े जाने वाले परिवारों को टेक्सास और पेंसिल्वेनिया में बनाए गए हिरासत केंद्रों में रखा जाएगा। जगह के अभाव में कुछ लोगों को होटल में भी रखा जा सकता है। यात्रा संबंधी दस्तावेज तैयार होने पर इन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा।

आईसीई के प्रवक्ता मैथ्यू बोर्क ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जाएगी।दो हजार शरणार्थी निशाने परअधिकारियों के अनुसार, आईसीई के अधिकारी पहले उन दो हजार शरणार्थियों को निशाना बनाएंगे, जिन्हें निर्वासित किए जाने का आदेश है। वे अवैध रूप से देश में रह रहे हैं। इन लोगों को गत फरवरी में नोटिस देकर देश छोड़ने को कहा गया था।

इनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जो कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसलिए उन्हें निर्वासित किए जाने का आदेश जारी किया गया था।जून में रद्द हुआ था अभियानगत जून में अमेरिका के कार्यवाहक गृह सुरक्षा मंत्री केविन मैकलेनन ने शरणार्थियों को गिरफ्तार करने के अभियान का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने आईसीई के निदेशक मार्क मोर्गन से अभियान रद्द करने को कहा था। इसके बाद मोर्गन ने सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क किया था।

शरणार्थियों की संख्या में गिरावट

अमेरिका के सीमा अधिकारियों ने इस साल मेक्सिको से लगती दक्षिणी सीमा पर करीब छह लाख 64 हजार शरणार्थी पकड़े। अकेले मई में ही एक लाख 44 हजार शरणार्थी पकड़े गए थे। हालांकि मई के बाद शरणार्थियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।इन देशों से आते हैं शरणार्थीबेहतर जिंदगी की तलाश में हर साल बड़ी संख्या में मध्य अमेरिकी देशों होंडुरास, अल-सल्वाडोर और ग्वाटेमाला के शरणार्थी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचने का प्रयास करते हैं।