वाशिंगटन। अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की चार अश्वेत महिला सांसदों के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नस्ली टिप्पणी की निंदा की है। अमेरिका के सौ साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब राष्ट्रपति की निंदा वाला कोई प्रस्ताव संसद के किसी सदन में पारित किया गया। डेमोक्रेट सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में सोमवार को यह निंदा प्रस्ताव पेश किया था। इसमें ट्रंप के बयान को नस्ली करार दिया गया।

इस सदन में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत में है। सदन में ट्रंप की भाषा और उनके कार्यकाल में राजनीतिक विचारधारा से लेकर प्रतिस्पर्धापूर्ण रवैये पर चर्चा की गई। मंगलवार को चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को 187 के मुकाबले 240 वोटों से पारित किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नागरिक अधिकारों के पैरोकार डेमोक्रेट सांसद जॉन लेविस ने कहा कि मैं सरकार में उच्च स्तर पर नस्ली भेदभाव को देखता और महसूस करता हूं। इसके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहाकि इस तरह के शब्दों के लिए कोई माफी नहीं है, लेकिन एकजुट होकर कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए। इस सदन के हर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सदस्यों को राष्ट्रपति के नस्ली ट्वीट की निंदा करने में हमारे साथ जुड़ना चाहिए।

ट्रंप के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव का कई सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों के अलावा निर्दलीय सांसद जस्टिन एमेश ने भी मतदान किया।

यह है मामला

ट्रंप ने गत रविवार को चार महिला सांसदों पर निशाना साधते हुए ट्वीट में कहा था, 'यह उन प्रगतिशील डेमोक्रेट महिला सांसदों के लिए देखना कितना दिलचस्प है कि वे मूल रूप से जिन देशों से आई हैं वहां की सरकारें पूरी तरह तबाह, सबसे भ्रष्ट और दुनिया में सबसे अयोग्य हैं। वे अमेरिकी लोगों से चिल्लाकर कह रही हैं कि हमारी सरकार को किस तरह चलाया जाए? वे जहां से आई हैं वहीं वापस क्यों नहीं चली जातीं और उन तबाह व अपराध प्रभावित जगहों की समस्या को दूर करने में मदद क्यों नहीं करतीं?' इस ट्वीट के बाद ट्रंप और विपक्षी नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई थी।

ट्रंप बोले, नस्ली नहीं थे ट्वीट राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनके ट्वीट नस्ली नहीं थे। उन्होंने डेमोक्रेट पार्टी के प्रस्ताव को लेकर रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि वे अपनी कमजोरी ना दिखाएं और उनके जाल में ना फंसे।