वाशिंगटन।अमेरिका ने पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सरगना नूर वली उर्फ मुफ्ती नूर वली मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। पाकिस्तान तालिबान के नाम से कुख्यात इस आतंकी संगठन ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में कई आत्मघाती हमलों को अंजाम दिया हैं।

इन हमलों में सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं। अमेरिका टीटीपी को पहले ही वैश्विक आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुतबिक, पिछले साल जून में टीटीपी सरगना मुल्ला फजलुल्ला के मारे जाने के बाद नूर वली ने इस आतंकी संगठन की कमान संभाली थी। विदेश मंत्रालय ने अलकायदा से जुड़े सीरिया-हुर्रस अल-दीन को भी वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने हिजबुल्ला, हमास, फलस्तीन इस्लामिक जिहाद, इस्लामिक स्टेट (आइएस), आइएस-फिलीपींस, आइएस-वेस्ट अफ्रीका जैसे कुल 12 आतंकी संगठनों के सरगनाओं को भी वैश्विक आतंकी घोषित किया है। इन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के 15 अन्य सदस्यों को भी वैश्विक आतंकी सूची में डाला गया है।

अमेरिका की इस कार्रवाई को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के कद्दावर देश कई बार कह चुके हैं कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों का समर्थन करना है। वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देने की वजह से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के रडार पर है। पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाले इस संगठन की काली सूची में डाले जाने का खतरा मंडरा है।

2007 में बैतुल्ला महसूद के नेतृत्व में 13 आतंकी गुटों को मिलकर टीटीपी का गठन किया था

-2014 में टीटीपी ने पेशावर के सैन्य स्कूल पर हमला किया था। इसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे

-2016 में बाशा खान यूनिवर्सिटी पर हुए हमले में 30 छात्रों और शिक्षकों ने जान गंवाई थी

-2007 में रावलपिंडी में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के लिए भी टीटीपी को ही जिम्मेदार ठहराया गया था।

Posted By: Yogendra Sharma