इस्तांबुल। तुर्की ने बुधवार को उत्तरी सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमला किया। सीमा के पास हवाई हमले किए गए और बम धमाके सुने गए। राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने ट्विटर पर हमले की शुरुआत की घोषणा करते हुए इसे ऑपरेशन पीस स्प्रिंग करार दिया। इसके कुछ समय बाद रास अल-ऐन सीमा क्षेत्र पर सफेद धुएं का एक बादल दिखाई दिया। एर्दोगन ने ट्विटर पर लिखा- हमारा मिशन हमारी दक्षिणी सीमा के पार आतंकी गलियारे को बनने से रोकना है और क्षेत्र में शांति लाना है। एर्दोगन ने लिखा- ऑपरेशन कुर्द आतंकवादियों और इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) को निशाना बनाएगा।

युद्ध पर नजर रखने वाले ब्रिटेन की सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि तुर्की के हवाई हमलों ने रास अल-ऐन इलाके पर हमला किया था। तुर्की की अनादोलु समाचार एजेंसी ने सीमावर्ती शहर ताल अबयाद में कुर्द आतंकवादी ठिकानों में गोलाबारी की सूचना दी। सीरिया के कुर्दों ने हमले से बचाने के लिए अपने नागरिकों को कहा है।

उधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने कुर्द सहयोगियों को नहीं छोड़ा है, जो आईएस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सहयोगी थे। बताते चलें कि ट्रंप ने सप्ताहांत में तुर्की-सीरियाई सीमा से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को हरी झंडी दे दी थी, जो वहां बफर के रूप में काम कर रहे थे।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एर्दोगन से फोन पर बात करके उन्हें किसी भी आक्रामक से पहले "सावधानी से सोचने" का आग्रह किया था। मगर, अंकारा का कहना है कि कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) की शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए हमला जरूरी है क्योंकि उनके संबंध तुर्की के अंदर कुर्द विद्रोहियों के साथ हैं।

तुर्की का कहना है कि वह भी सीमा के साथ लगे सीरियाई इलाके में एक "सुरक्षित क्षेत्र" चाहता है। यहां आठ साल के गृहयुद्ध के दौरान 36 लाख शरणार्थी रह रहे हैं और उन्हें वह वापस भेजना चाहता है।