कराची। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आतंकियों ने दो बसों के यात्रियों को अगवा कर उनमें से 22 की हत्या कर दी है। पीड़ितों के परिजन आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल आवास के समक्ष धरने पर बैठ गए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की धर-पकड़ के लिए गहन अभियान शुरू कर दिया है। बलुचिस्तान के मुख्यमंत्री अब्दुल मलिक बलोच ने तीन दिन शोक की घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से कराची जा रही दो बसों के तकरीबन 30 यात्रियों को सेना की वर्दी में आए बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया। इस घटना को क्वेटा से 70 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित मास्तुंग जिले के खाद-कोचा क्षेत्र में अंजाम दिया गया। बलूचिस्तान के गृहमंत्री सरफराज बुग्ती ने बताया कि इस कांड में 20 से 25 हमलावर शामिल थे।

उनके मुताबिक बंदूकधारियों ने सभी यात्रियों को बस से उतार कर तकरीबन 30 को अपने साथ ले गए थे। बाद में पांच को छोड़ दिया गया। सैन्य अभियान शुरू होने के बाद उन्होंने यात्रियों को मारना शुरू कर दिया। फिलहाल लापता 4 यात्रियों की तलाश की जा रही है। अभी तक इस हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षाबलों को बलोच विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका है। शनिवार को चलाए गए अभियान में दो संदिग्ध आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है।

क्वेटा में घटना से गुस्साए लोग शवों को राज्यपाल आवास के बाहर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे आतंकियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। जान बचाने में सफल रहे एक यात्री ने बताया कि आतंकी सिर्फ पख्तूनों की हत्या कर रहे थे। बलोच यात्रियों को कोई हानि नहीं पहुंचाई गई। बुग्ती ने हमले में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का हाथ होने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में चीनी निवेश को रोकने की कोशिशें के तहत यह किया जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में करांची में ही 43 शिया यात्रियों की हत्या कर दी गई थी।

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