संयुक्त राष्ट्र। भारत में बाघों की संख्या में इजाफा होने पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने खुशी का इजहार किया है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुतेरस के प्रवक्ता फरहान हक ने इसको बेहतर संकेत बताया है। सतत विकास लक्ष्य पर हो रही एक बैठक के दौरान हक ने कहा कि विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों को बचाना काफी अच्छा काम है। साल 2006 में भारत में केवल 1,411 बाघ बचे थे। जबकि 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 2,967 हो गई है।

पिछले सोमवार को अखिल भारतीय बाघ आकलन रिपोर्ट, 2018 जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत दुनियाभर में बाघों के लिए सबसे बड़ा आश्रय स्थल है। पीएम मोदी ने इस सफलता के लिए बाघों के संरक्षण में लगे सभी लोगों का धन्यवाद किया था।

Posted By: Yogendra Sharma