इस्लामाबाद। चीन की मदद से पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले तो गया, लेकिन औंधे मुंह गिर गया। पाकिस्तान और इमरान खान ने हर संभव कोशिश की कि चीन के अलावा दूसरे देशों का समर्थन मिले। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की। हालांकि बैठक के नतीजा देखकर नहीं लगाता कि इसका कोई फायदा हुआ, क्योंकि यहां चीन के अलावा कोई देश पाकिस्तान के साथ खड़ा नजर नहीं आया।

पाकिस्तान की सरकारी मीडिया ने इस आशय की जानकारी दी है। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि खान ने अमेरिका के राष्ट्रपति को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बारे में भरोसे में लिया। यूएन मुख्यालय में होने वाली बैठक में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की जा रही है। कुरैशी ने कहा, 'प्रधानमंत्री खान ने कश्मीर में हाल के घटनाक्रम और उससे क्षेत्र की शांति पर उत्पन्न खतरे को लेकर पाकिस्तान की चिंता से अवगत कराया।'

इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर में भारत सरकार की तानाशाही बुरी तरह विफल रहेगी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कई ट्वीट कर भारत सरकार को चेतावनी दी है कि कोई ताकत राष्ट्र को आजादी के लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। आजादी के संघर्ष में एकता हासिल हो और मौत का डर नहीं हो तो रोकना संभव नहीं।