संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को मुंह की खाना पड़ी। चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान ने आर्टिकल 370 पर भारत को घेरने की कोशिश की, लेकिन UNSC की बैठक में किसी देश ने साथ नहीं दिया। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन जैसे स्थायी सदस्यों ने भी कहा कि यह द्विपक्षीय मामला है, जिसे भारत-पाकिस्तान हल करेंगे, इसका संयुक्त राष्ट्र से कुछ लेना-देना नहीं है।

बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि सैय्यद अकबरुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर पूरे मामले की जानकारी दी। अकबरुद्दीन ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत का पक्ष साफ करते हुए कहा कि यह भारत का मामला है और किसी दूसरे पक्ष को दखल देने की जरूरत नहीं। अकबरुद्दीन ने साफ किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद नहीं रोकेगा, उसके साथ भारत कोई वार्ता नहीं करेगा।

दिलचस्प बात यह रही कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार भी मौजूद थे। अकबरुद्दीन ने तीन पाकिस्तान पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। ये पत्रकार अपने सवाल पूछने के लिए बहुत उतावले भी थे। अकबरुद्दीन ने सवाल-जवाब की शुरुआत उसी पत्रकार से की और कहा कि आप कुछ ज्यादा ही उत्साहित नजर आ रहे हैं। इस पर पत्रकार ने कहा- मैं उत्साहित नहीं हूं, इतिहास उत्साहित है।

पत्रकार ने आगे जैसे ही कहा कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना भारत का अंदरूनी मामला है, तो अकबरुद्दीन तपाक से बोले पड़े - यह बात स्वीकार करने के लिए शुक्रिया। इसके बाद पत्रकार ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौतों की दुहाई दी तो जवाब मिला कि भारत सभी मसलों को उन्हीं समझौतों के आधार पर हल करने को तैयार है, लेकिन क्या पाकिस्तान उन समझौतों के अनुसार काम कर रहा है?

दूसरे पाकिस्तान पत्रकार ने पूछा कि भारत और पाकिस्तान कब बैठकर बात करेंगे और विवादों का हल निकालेंगे, तो अकबरुद्दीन ने जवाब दिया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद नहीं रोकता है, बात नहीं हो सकती।

तीसरे पत्रकार ने पूछा कि भारत कब पाकिस्तान से बात करेगा, तो अकबरुद्दीन अपनी जगह से चलकर उस पत्रकार तक गए और उससे हाथ मिलाया। अकबरुद्दीन ने इसका बाद कहा कि भारत दोस्ती का अपना हाथ बढ़ा चुका है, लेकिन पाकिस्तान को आतंकवाद रोकना होगा।