न्यूयॉर्क। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान की बौखलाहट कम नहीं हो रही है। वह लगातार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े देशों से इस मसले में हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। यूनाइटेड नेशन में भी पाक कई बार गुहार लगा चुका है। अब एक बार फिर पाकिस्तान को UN से मायूसी हाथ लगी है। पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मसले पर UN द्वारा मध्यस्थता करने को कहा गया था। इस पर UN ने कहा है कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच का मसला है, दोनों देश आपसी बातचीत के जरिये इस मसले को सुलझाएं।

UN सेक्रेटरी एवं मुख्य प्रवक्ता स्टीफन ड्यूजेरिक ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि जी7 समिट के दौरान पिछले महीने UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरे फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे। उन्होंने पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी चर्चा होने की थी।

सोमवार को एंटोनियो ने कश्मीर के मुद्दे पर यूनाइटेड नेशन में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी के निवेदन पर उनसे मुलाकात की थी। उनका मैसेज सभी के लिए पहले जैसा ही है कि भारत और पाकिस्तान बीच हालतों की बेहतरी के लिए वे चिंतित हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से इस मुद्दे पर बातचीत के जरिये हल निकालने की अपील की है।

बता दें कि भारत कश्मीर को शुरुआत से ही अपना आंतरिक मुद्दा बताता रहा है। वहीं यूएन ने भी साफ कर दिया है कि ये दोनों देशों के बीच का मसला है जो बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। यूएन ने कहा है कि जब तक दोनों पक्ष उन्हें मध्यस्थता के लिए नहीं कहते तब तक यूएन मध्यस्थता नहीं करेगा।