तेहरान। सऊदी तेल संयंत्रों पर हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अब ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई ने अमेरिकी से किसी भी तरह की वार्ता की संभावना को खारिज कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही थी कि इस महीने के आखिरी में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के बैठक के दौरान दोनों देशों के नेता बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले राष्ट्रपति हसन रूहानी भी प्रतिबंध हटाए जाने से पहले अमेरिका से सीधी बातचीत से इन्कार कर चुके हैं।

खामनेई ने मंगलवार को तेरहान में कहा, ईरान पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाने की साजिश रची जा रही है, जो कि बेमानी है। अमेरिकियों से किसी बातचीत का कोई मतलब ही नहीं बनता। यदि ऐसा हुआ तो इसका मतलब निकाला जाएगा कि हम पर दबाव बनाने की उनकी नीति कामयाब रही। यही वजह है कि रूहानी, विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद जरीफ और अन्य अधिकारियों ने एक सुर में एलान किया है कि हम अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेंगे।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि उनकी सेना सऊदी तेल संयंत्रों पर हुए हमलों का जवाब देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे अपने सहयोगी देश पर बड़ा हमला बताते हुए आशंका जताई थी कि इसके पीछे ईरान का हाथ हो सकता है।

इसके बाद मंगलवार को एक अमेरिका अधिकारी ने कहा कि ईरानी की जमीन से ही क्रूज मिसाइल से हमला किया गया था। अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश करने के लिए अमेरिका हमले को लेकर सुबूत जुटा रहा है।

ट्रम्प बोले- नहीं मिलेंगे

ट्रम्प पहले ही साफ कर चुके हैं कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान वह ईरानी राष्ट्रपति रूहानी से नहीं मिलेंगे। हालांकि इससे ठीक पहले व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया था कि अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन से इतर राष्ट्रपति ट्रंप अपने ईरानी समकक्ष हसन रूहानी से मुलाकात कर सकते हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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