वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रेड वॉर स शुरू हुई तनातनी अब हिंद-प्रशांत की स्थिरता तक पहुंच गई है। अमेरिका का आरोप है कि चीन के कारण क्षेत्र की शांति और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है। यह बात अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने कही।

बकौल बोल्टन, चीन अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के साथ जोर-जबर्दस्ती वाला व्यवहार कर रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संप्रभुता और स्वतंत्र आवाजाही का सम्मान करना अमेरिका और आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस) का साझा मकसद है।

मालूम हो, विवादित चीन सागर में स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका निरंतर अभियान चलाता रहता है, जबकि चीन इसका विरोध करता है। वह लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। उसने क्षेत्र में कई कृत्रिम द्वीप विकसित कर दिए हैं। इन द्वीपों पर सैन्य साजो-सामान की तैनाती भी की है। चीन के इस कदम का अमेरिका समेत फिलीपींस और वियतनाम जैसे देश विरोध करते रहे हैं।