वॉशिंगटन। भारत के रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद पर अब अमेरिकी सेना ने भी आपत्ति जता दी है। अमेरिकी नौसेना के हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र के प्रमुख एडमिरल फिलिप डेविडसन ने भारत का रूस से S-400 सिस्टम का लेना अमेरिका के लिए समस्या है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सरकार इस बाबत भारत से बात करे। भारत ने इस डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए अक्टूबर 2018 में रूस 5.4 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपये) का सौदा किया है।

एडमिरल डेविडसन ने कहा, S-400 सिस्टम का रूस में बना होना अमेरिकी सेना के लिए समस्या है। हम इस बारे में बात कर रहे हैं, यह वार्ता जारी रहनी चाहिए। उन्होंने यह बात कोलाराडो में एक कार्यक्रम में अमेरिका के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक निक बर्न्स के सवाल के जवाब में कही। बर्न्स ने भारत के साथ हुए परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभाई थी।

डेविडसन ने दावा किया कि S-400 सिस्टम के बजाए अमेरिकी उपकरण दुनिया में सर्वोत्कृष्ट हैं। भारत ने यह सौदा अपने गुट निरपेक्षता प्रदर्शित करने के लिए किया है। रूसी सिस्टम की खरीद करते समय भारत सरकार ने नीति को महत्व दिया, उपकरण की तकनीक और गुणवत्ता को नहीं देखा। एडमिरल ने कहा, हम भारत के साथ दस हजार कदमों के लंबे रास्ते पर चल रहे हैं। हमारा साथ बहुत लंबे समय के लिए है। दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर दस्तखत किए हैं। ये समझौते दोनों देशों के लिए बहुत महत्व वाले हैं। भारत को इस सबका ध्यान रखना चाहिए। भारत के साथ सुरक्षा साझेदारी के महत्व की चर्चा करते हुए एडमिरल डेविडसन ने कहा, सी-17 लिफ्ट एयरक्राफ्ट का भारत दुनिया का सबसे बड़ा खरीददार है। अमेरिका के बाद उसी के पास इस महत्वपूर्ण एयरक्राफ्ट की इतनी बड़ी संख्या होगी। सोवियत संघ और रूस के साथ सहयोग कर चुका भारत अब हमारे साथ चले और उसका नतीजा देखे।

Posted By: Arvind Dubey

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