वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तल्खी का नया अध्याय जारी है। सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हमले के बाद अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की। इन प्रतिबंधों के जरिये ईरान के सेंट्रल बैंक, द नेशनल डेवेलपमेंट फंड ऑफ ईरान और ईरान की एतेमाद तेजाराते पार्स कंपनी को निशाना बनाया गया है। इसका ईरान के आम लोगों के जीवन पर भी सीधा असर पड़ेगा।

खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसका ऐलान किया। अमेरिका यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंचे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरिसन और उनकी पत्नी का स्वागत करने के दौरान ट्रम्प ने कहा, 'एक देश पर लगाए गए ये सबसे बड़े प्रतिबंध हैं।'

एतेमाद तेजाराते पार्स कंपनी के बारे में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसी कंपनी की आड़ में ईरानी सैन्य खरीद के वित्तीय लेनदेन किए जाते हैं। ये प्रतिबंध सऊदी अरब के दो तेल संयंत्रों पर पिछले हफ्ते हुए ड्रोन हमलों के बाद लगाए गए हैं। सऊदी अरब और अमेरिका ने इन हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया है, जबकि ईरान ने इन्कार करते हुए यमन की ओर इशारा किया है।

क्या बोले ट्रम्प

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हमेशा तैयार है और सैन्य हमला हमेशा एक संभावना है। दूसरी ओर अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्यूचिन का कहना है कि सऊदी अरब के खिलाफ ईरान का हमला अस्वीकार्य है। बकौल म्यूचिन, 'हम अधिकतम दबाव अभियान जारी रखे हुए हैं। यह बहुत बड़ा है। अब हमने ईरान के धन के सभी स्त्रोत बंद कर दिए हैं।'

Posted By: Arvind Dubey

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